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तीन ऐसे भारतीय खिलाड़ी, जिनका पहला टी-20 मैच ही आखिरी मुकाबला साबित हुआ

Thu, 25 Jul 2019 08:52 AM IST
Rohit Ojha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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टीम इंडिया - फोटो : social Media
टी-20 का फॉर्मेट जब क्रिकेट में आया तो दर्शकों से लेकर खिलाड़ियों के बीच इस बात को लेकर चर्चा चल गई कि क्या फटाफट क्रिकेट दर्शकों को जोड़ पाएगा। कई दिग्गज खिलाड़ियों ने तो यहां तक कह दिया कि ये क्रिकेट के साथ मजाक है, लेकिन इस फटाफट फॉर्मेट ने क्रिकेट जगत में जो तहलका मचाया, उसकी दीवानगी आज खिलाड़ियों से लेकर फैंस के सिर चढ़ कर बोल रही है।

2007 में पहला ही टी20 विश्व कप के जीत से इंडिया में छाया फटाफट क्रिकेट का खुमार फैंस पर इस कदर हावी हुआ कि वो जुनून के रूप में आईपीएल को दुनिया की सबसे फेमस लीग बना गया। भारत में आईपीएल को एक डेढ़ महीने का त्योहार मनाया जाता है।

शुरू में टी-20 फॉर्मेट में कई दिग्गज भारतीय खिलाड़ियों ने खेलने से मना कर दिया, लेकिन जब उन्हें लगा कि नहीं खेलना चाहिए, तब तक देर हो चुकी थी। आइए जानते हैं उन तीन भारतीय खिलाड़ियों के बारे में जिनका पहला ही टी-20 मैच आखिरी साबित हुआ।
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दिनेश मोंगिया - फोटो : social Media
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत ने अपना पहला टी-20 मुकाबला खेला। इस मैच में खेलने वाले दिनेश मोंगिया ने 45 गेंद खेलकर चार चौके और एक छक्के की मदद से 38 रन बनाए। वह चार्ल्स लेंगवेल्ट की गेंद पर रॉबिन पीटरसन के हाथों कैच आउट हुए। इसके बाद उन्हें कभी भारतीय टीम टी-20 टीम में खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बाद वे बागी टी-20 लीग इंडियन क्रिकेट लीग से जुड़ गए और टीम में नहीं आए। मोंगिया को आईपीएल में भी खेलने का मौका कभी नहीं मिला। इस तरह से उनका डेब्यू टी-20 ही आखिरी मैच भी साबित हुआ।
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राहुल द्रविड़ - फोटो : social Media
भारतीय टीम की दीवार कहे जाने वाले जेंटलमैन राहुल द्रविड़ ने भारत के लिए 31 अगस्त 2011 को टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू किया था। मैनचेस्टर में खेले गए इस मुकाबले में भारत को 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। राहुल द्रविड़ ने इसमें ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 21 गेंद में 31 रन बनाए थे और समित पटेल के एक ओवर में लगातार तीन छक्के जड़ दिए थे। यह मैच द्रविड़ के टी-20 करियर का अंतिम मैच भी साबित हुआ। वह दोबारा टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कभी नहीं खेले।
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सचिन तेंदुलकर - फोटो : social Media
दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों में शुमार और क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर भी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुए भारत के पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में टीम का हिस्सा थे। बल्लेबाजी के दौरान उन्होंने 12 गेंद में 10 रन बनाए और चार्ल्स लेंगवेल्ट की गेंद पर आउट हुए। इस मैच में उन्होंने गेंदबाजी भी की। 2.3 ओवर की गेंदबाजी में उन्होंने 12 रन खर्च किए और जस्टिन केम्प का विकेट चटकाया था। इसके बाद सचिन फिर कभी भारतीय टीम के लिए टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेल सके।
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