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धोनी की तीन सबसे बेहतरीन पारियां, जिसने भारतीय फैंस को झूमने पर मजबूर कर दिया

Sat, 25 Jul 2020 08:30 AM IST
Rohit Ojha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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एमएस धोनी - फोटो : ट्विटर
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कई शानदार पारियां खेलकर फंसे हुए मैच को अपने पाले में किया है। मध्यक्रम में धोनी की बल्लेबाजी का अंदाज सबसे अलग है। परिस्थितियों के भांप कर अपनी बल्लेबाजी की रणनीति तय करने वाले धोनी क्रिकेट के हर फॉर्मेट में विरोधियों के सामने एक मुश्किल सवाल की तरह खड़े हो जाते हैं। धोनी ने 2007 में भारतीय टीम की कमान संभाली और टीम को विश्व चैंपियन बनाया। दुनिया के सबसे बड़े मैच फिनिशरों में से एक धोनी हर बार अपनी बल्लेबाजी से विपक्षी टीम पर भारी पड़े हैं। आइए जानते हैं धोनी की तीन सबसे बेहतरीन पारियों के बारे में।
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महेंद्र सिंह धोनी - फोटो : getty
साल 2013 में वेस्टइंडीज में ट्राई सीरीज खेली गई, जिसका फाइनल मैच त्रिनिदाद में भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया था। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी की और 201 रन बनाए। 202 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत का स्कोर 139-4 था, जब धोनी बल्लेबाजी करने आए थे। लेकिन 47वें ओवर तक भारतीय टीम का स्कोर 182-9 हो गया। आखिरी ओवर में भारत को 15 रनों की दरकार थी। क्रीज पर धोनी मौजूद थे। धोनी ने अपनी शानदार फिनिशिंग स्किल्स दिखाते हुए दो छक्के और एक चौके की मदद से खिताब को टीम इंडिया की झोली में डाल दिया। धोनी ने पांच चौके और दो छक्कों की मदद से 45 रन बनाए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था।
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लॉर्ड्स टेस्ट में महेंद्र सिंह धोनी - फोटो : ट्विटर
साल 2013 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला चेन्नई में खेला गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 380 रन बनाए। भारत की ओर से विराट कोहली ने शतक जड़ा, लेकिन 406 के स्कोर तक टीम ने आठ विकेट गंवा दिए थे। मगर धोनी ने एक छोर संभाले रखा और अपना पहला मैच खेल रहे भुवनेश्वर कुमार के साथ 140 रनों की साझेदारी निभाई और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। धोनी ने 265 गेंदों में 24 चौके और छह छक्कों की मदद से 224 रन बनाए। यह टेस्ट क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी की सबसे बड़ी पारी है। भारत ने अपनी पहली पारी में 572 रन बनाए। भारत ने आठ विकेट से इस मैच को जीता।
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विश्व कप 2011 - फोटो : ट्विटर
2011 विश्व कप के फाइनल में धोनी की खेली पारी को कौन भुला सकता है। मुंबई के वानखेड़े में श्रीलंका के खिलाफ 275 रनों का पीछा करते हुए भारतीय टीम की पारी लड़खड़ा गई। टीम का स्कोर 22वें ओवर में 114-3 था जब धोनी बल्लेबाजी करने आए। धोनी ने पहले गौतम गंभीर के साथ 109 रनों की साझेदारी की और फिर युवराज सिंह के साथ 54 रनों की नाबाद साझेदारी करते हुए भारत को 28 साल बाद वर्ल्ड कप जिताया। धोनी ने 79 गेंदों में आठ चौके और दो छक्कों की मदद से नाबाद 91 रन बनाए। 
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