महाराष्ट्र के स्वप्निल गुगाले ने बतौर कप्तान अपने पहले ही मैच में तिहरा शतक जड़कर इतिहास रच दिया है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में दिल्ली के खिलाफ मैच में महाराष्ट्र के कप्तान स्वप्निल गुगाले और अंकित बावने ने शुक्रवार को तीसरे विकेट के लिये 594 रन की अटूट साझेदारी करके रणजी ट्राफी में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी भागीदारी का नया रिकॉर्ड बनाया। इस दौरान गुलाले ने 351 रनों की और अंकित बावने ने 258 रन की नाबाद पारी खेली।
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इस कप्तान पहले मैच में जड़ा तिहरा शतक...
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स्वप्निल गुगाले- अंकित बावने
- फोटो : PTI
कप्तान गुलाले द्वारा पारी समाप्ति की घोषणा के कारण यह जोड़ी प्रथम श्रेणी क्रिकेट की सबसे लंबी साझेदारी के रिकॉर्ड को तोड़ने से महज 30 रन से चूक गई। श्रीलंका के कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने ने 2006 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोलंबो में तीसरे विकेट के लिए ही 624 रन जोड़े थे। यह प्रथम श्रेणी मैचों में 600 से अधिक रन की एकमात्र साझेदारी है। इस तरह से गुगाले और बावने की साझेदारी किसी भी विकेट के लिये दूसरी बड़ी भागीदारी है।
बतौर कप्तान पहले ही मैच में गुलाले ने 351 रन की पारी खेली। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बतौर कप्तान अपने पहले मैच में सबसे लंबी पारी खेलने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर बिल पोंसफोर्ड के नाम दर्ज है। जिन्होंने वर्ष 1923 में विक्टोरिया की तरफ से तस्मानिया के खिलाफ 429 रन बनाए थे। गुगाले का स्कोर प्रथम श्रेणी मैचों में तटस्थ स्थान पर खेली गई सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी है।
इससे पहले रणजी ट्रॉफी में में तीसरे विकेट की साझेदारी का रिकॉर्ड सौराष्ट्र के सागर जोगियानी और रविंद्र जडेजा के नाम दर्ज था दोनों ने 2012-13 में 539 रन के रिकॉर्ड साझेदारी की थी। स्वप्निल गुगाले और अंकित बावने ने आज यहां दिल्ली के खिलाफ तीसरे विकेट के लिये 594 रन की अटूट साझेदारी करके रणजी ट्राफी में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी भागीदारी का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर लिया। लेकिन पारी समाप्त घोषित करने के अप्रत्याशित फैसले के कारण वे केवल 30 रन से विश्व रिकॉर्ड से चूक गए। रणजी ट्राफी में 69 साल पुराना रिकार्ड तोड़ने में सफल रहे।
विजय हजारे और गुल मोहम्मद का 1947 में भारत को स्वतंत्रता मिलने से छह महीने पहले बनाए गए 577 रन के रिकार्ड को तोड़ा। विजय हजारे और गुल मोहम्मद ने चौथे विकेट के लिए बड़ौदा की तरफ से होलकर के खिलाफ वड़ोदरा में यह रिकॉर्ड स्थापित किया था। गुल मोहम्मद विभाजन के बाद पाकिस्तान की तरफ खेलने लगे थे।