महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को जीत की कई बेहतरीन यादें दी हैं। कूल धोनी ने टीम इंडिया को 50 ओवर के विश्व कप तथा टी-20 के फार्मेट में विश्व कप खिताब दिलाया था। इसके अलावा धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने 2013 में चैंपियंस ट्राफी का खिताब जीता था। धोनी ने टीम इंडिया को 2009 में टेस्ट में नंबर वन भी बनाया था।
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टी-20 फार्मेट का यह पहला विश्व कप था
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एमएस धोनी
- फोटो : mid day
महेंद्र सिंह धोनी की लीडरशिप में आज से ठीक दस साल पहले 24 सितंबर 2007 को टीम इंडिया ने टी-20 में विश्व कप जीता था। टी-20 फार्मेट का यह पहला विश्व कप था। सीनियर सदस्य सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर ने अपने को इस फार्मेट से अलग कर नए खिलाड़ियों को मौका देने की बात कही और धोनी के नेतृत्व में युवा टीम ने इतिहास रच दिया। दक्षिण अफ्रीका में यह विश्व कप खेला गया था। धोनी और रोहित शर्मा जैसे युवा खिलाड़ी टीम को नई दिशा दे रहे थे। धोनी की युवा टीम ने ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड जैसी दिग्गज टीमों को हराकर फाइनल तक का सफर तय किया था।
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गंभीर ने बनाए शानदार 75 रन
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गौतम गंभीर
भारत और पाकिस्तान के बीच फाइनल मैच जोहानिसबर्ग में खेला गया। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और गौतम गंभीर के शानदार 75 रनों की मदद से 20 ओवर में 157 रनों का स्कोर खड़ा किया। पाक ने अपनी शुरुआत सही ढंग से नहीं की और उनके दो विकेट जल्दी-जल्दी गिर गए। आरपी सिंह ने पाकिस्तान के ये दो विकेट झटके।
जोगिंदर ने फेंका अंतिम ओवर
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गौतम गंभीर
- फोटो : getty
पाकिस्तान के कप्तान मिस्बाह उल हक ने मध्यमक्रम में पाक की जीत की उम्मीद बंधाई। वह अंतिम ओवर तक जमे रहे। मैच आखिरी ओवर में पहुंच गया था। पाक के 9 विकेट गिर चुके थे। धोनी ने गेंद जोगिंदर शर्मा को थमा दी। और धोनी की यह रणनीति काम कर गई। अंतिम ओवर में पाकिस्तान को 13 रन चाहिए थे। पहली गेंद वाइड रही, इसके बाद की गेंद पर कोई रन नहीं बना। दूसरी गेंद पर मिस्बाह ने सिक्स मार दिया। पर अंतिम ओवर की तीसरी गेंद पर मिस्बाह श्रीसंत को कैच थमा बैठे तथा पाकिस्तान मैच हार गया था।
टीम इंडिया की ओर से आरपी सिंह और इरफान पठान ने तीन-तीन विकेट लिए। आरपी सिंह ने शुरुआती ओवरों में बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए पाकिस्तानी बल्लेबाजी की कमर तोड़ कर रख दी। जोगिंदर शर्मा ने दो विकेट लिए थे। धोनी की कप्तानी में यह जीत यादगार रही। विस्फोटक वीरेंद्र सहवाग के बगैर टीम इंडिया मैदान में उतरी थी। इसके बाद भी टीम ने विश्व कप जीत क्रिकेट प्रेमी दर्शकों को गर्व से भर दिया।