टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली टेस्ट क्रिकेट से टॉस की परंपरा को खत्म करने के विचार से सहमत नहीं है। गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने टेस्ट क्रिकेट से टॉस की प्रथा को खत्म करने की बात कही थी। आईसीसी ने बताया था कि यह फैसला मेजबान पर निर्भर होना चाहिए कि वो पहले बल्लेबाजी करना चाहते हैं या गेंदबाजी।
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Dilip Vengsarkar
आईसीसी के इस विचार के बाद भारतीय टीम के दो पूर्व कप्तानों- बिशन सिंह बेदी और दिलीप वेंगसरकर ने भी अपनी राय रखी थी और अब गांगुली ने भी इन दोनों की बातों को समर्थन किया है।
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सौरव गांगुली और एमएस धोनी
सौरव गांगुली ने कहा, 'टेस्ट क्रीकेट से टॉस की परंपरा को खत्म करना सही नहीं है। अगर टेस्ट क्रिकेट से टॉस हटाया जाता है तो आईसीसीसी अपनी 140 साल पुरानी परंपरा को खत्म कर देगी, जो क्रिकेट के लिहाज से ठीक नहीं है।
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अनिल कुुंबले
- फोटो : The indian express
सूत्रों के मुताबिक यह फैसला आईसीसी की नई सीमित के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी, कोच और एलिट पैनल के अंपायरों ने एक बैठक में लिया था। हालांकि मौजूदा दौर के लगभग सभी खिलाड़ियों समेत क्रिकेट जगत के कई दिग्गजों ने इस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आईसीसी की इस नीति के खिलाफ बहुत जल्द अनिल कुंबले की अध्यक्षता वाली समिति भी अपनी राय रखेगी।
वहीं आस्ट्रेलिया के दो पूर्व कप्तान स्टीव वॉ और रिकी पोंटिंग ने इसका समर्थन किया है। वहीं वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग और पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद टॉस को हटाने की नीति के पक्ष में हैं।