भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक सौरव गांगुली बुधवार को बीसीसीआई के 39वें अध्यक्ष बन गए, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति का 30 महीने से चला आ रहा शासन खत्म हो गया। गांगुली को भारतीय क्रिकेट का एक बड़ा सुधारक कहा जाता है,0 उनके पास टैलेंट को पहचानने की गजब की क्षमता है।
युवाओं पर हमेशा भरोसा जताने वाले कप्तान अब बीसीआई के बॉस बन चुके हैं। गांगुली जोशीले कप्तान थे, टीम के खिलाड़ियों पर कोई दबाव नहीं डालते, उन्हें पता था कि किन हालातों पर कौन से खिलाड़ी पर दाव लगाना है। तभी तो हरभजन के लिए चयनकर्ताओं से भिड़ गए। इन खूबियों की बदलौत गांगुली ने टीम इंडिया को विश्व क्रिकेट में शिखर तक पहुंचाया और भारतीय क्रिकेट के सफल कप्तान के साथ 'दादा' बन गए। ऐसे में आइए देखते हैं दादा के एक सुनहरे सफर को, जब दादा ने मैदान पर अपनी दादगिरी दिखाई।