जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मैच में भारत ने चार विकेट से जीत दर्ज की। कप्तान स्मृति मंधाना ने जीत के बावजूद टीम के प्रदर्शन में सुधार की जरूरत बताई। उन्होंने निकी प्रसाद के संयम, दीप्ति शर्मा की शानदार बल्लेबाजी और नंदनी शर्मा की गेंदबाजी की तारीफ की।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में चार विकेट से जीत दर्ज कर स्मृति मंधाना की कप्तानी के नए दौर का आगाज जीत के साथ किया। हालांकि, इस जीत के बावजूद कप्तान स्मृति मंधाना टीम के प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आईं। उन्होंने माना कि टीम ने मैदान पर वैसा प्रदर्शन नहीं किया, जैसा वह करना चाहती थी। साथ ही उन्होंने डेब्यू करने वाली निकी प्रसाद, गेंदबाज नंदनी शर्मा और अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा के प्रदर्शन की जमकर सराहना की।
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भारत बनाम जिम्बाब्वे
- फोटो : BCCI Women
प्रदर्शन से खुश नहीं मंधाना
मैच के बाद मंधाना ने कहा कि टीम के लिए जीत हासिल करना खुशी की बात है, लेकिन प्रदर्शन के लिहाज से कई ऐसी चीजें हैं, जिन पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, 'प्रक्रिया के लिहाज से देखें तो शायद हमने टीम के रूप में वैसा क्रिकेट नहीं खेला, जैसा हम खेलना चाहते थे। लेकिन जीत तो जीत होती है। हमारे लिए कई सकारात्मक चीजें भी रहीं और टीम के तौर पर हमारे पास सीखने के लिए काफी कुछ है।'
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दीप्ति शर्मा-निकी प्रसाद
- फोटो : BCCI Women
निकी प्रसाद के संयम और नंदनी शर्मा की गेंदबाजी से प्रभावित मंधाना
स्मृति मंधाना ने मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए नंदनी शर्मा की गेंदबाजी और निकी प्रसाद के संयम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि निकी ने अपने डेब्यू मैच में जिस तरह दबाव की स्थिति को संभाला, वह काबिल-ए-तारीफ था। वहीं, नंदनी शर्मा ने गेंद से बेहतरीन प्रदर्शन किया। मंधाना ने अनुभवी दीप्ति शर्मा को खेल का दिग्गज बताते हुए कहा कि वह लंबे समय से इसी तरह का प्रदर्शन करती आ रही हैं। दीप्ति ने मुश्किल परिस्थिति में 37 गेंदों पर 49 रन बनाकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने निकी प्रसाद के साथ पांचवें विकेट के लिए 82 रन की साझेदारी कर टीम को संकट से बाहर निकाला।
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भारत बनाम जिम्बाब्वे
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ड्रेसिंग रूम में हुई कमजोरियों पर चर्चा, सुधार के लिए टीम तैयार
मुकाबले के दौरान भारतीय टीम की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई थी। भारत ने महज 19 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे, जिससे टीम पर हार का खतरा मंडराने लगा था।
कप्तान मंधाना ने कहा कि उन्होंने टीम की कमियों और सुधार के पहलुओं पर ड्रेसिंग रूम में पहले ही बातचीत कर ली है।
उन्होंने कहा, 'मैं ड्रेसिंग रूम में इन मुद्दों पर बात कर चुकी हूं। जब हम इस दिशा में काम करना शुरू करेंगे, तो निश्चित तौर पर समय के साथ इसके नतीजे दिखाई देने लगेंगे। मैं अभी उन बातों का खुलासा नहीं करना चाहूंगी, लेकिन हमने उन्हें लेकर चर्चा की है।'
मंधाना ने हालांकि टीम की मैदान पर दिखाई गई ऊर्जा को सकारात्मक पहलू बताया। उनके मुताबिक, खिलाड़ियों का फील्डिंग में पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रयास करना टीम के लिए अच्छा संकेत रहा।
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भारत बनाम जिम्बाब्वे
- फोटो : BCCI Women
जिम्बाब्वे के खिलाफ रणनीति में बदलाव ने दिलाई जीत
भारत और जिम्बाब्वे के बीच पहली बार द्विपक्षीय सीरीज खेली जा रही है। ऐसे में भारतीय टीम के लिए विपक्षी खिलाड़ियों की शैली और रणनीति को समझना एक चुनौती थी। मंधाना ने माना कि किसी ऐसी टीम के खिलाफ खेलना आसान नहीं होता, जिसके खिलाफ पहले ज्यादा अनुभव न हो।
उन्होंने कहा कि टीम ने मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे के खिलाफ तैयारी और योजना बनाई थी, लेकिन वीडियो देखकर किसी खिलाड़ी को समझना और उसके खिलाफ मैदान पर खेलना अलग-अलग बातें हैं। मंधाना ने जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों की भी तारीफ की और कहा कि उन्होंने कुछ अच्छे शॉट खेले।
भारतीय कप्तान के अनुसार, मैच के आखिरी हिस्से में गेंदबाजों ने धीमी गेंदों और विविधताओं का अच्छा इस्तेमाल किया, जिसका फायदा टीम को मिला। जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पांच विकेट पर 114 रन बनाए थे। उसकी ओर से केलिस नधलोवु ने 42 और शार्ने मेयर्स ने नाबाद 43 रन की पारियां खेलीं।
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भारत बनाम जिम्बाब्वे
- फोटो : BCCI Women
दीप्ति शर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी ने बढ़ाया आत्मविश्वास
स्मृति मंधाना ने दीप्ति शर्मा के साथ बल्लेबाजी करने के अनुभव को भी शानदार बताया। उन्होंने कहा कि दीप्ति ने जिस तरह गेंदबाजों पर आक्रमण किया, उससे विपक्षी टीम को हावी होने का मौका नहीं मिला। मंधाना ने कहा, 'दीप्ति ने शानदार बल्लेबाजी की। जिस तरह उन्होंने गेंदबाजों पर हमला किया, उससे वे उन्हें जमने या मैच पर हावी होने का मौका नहीं दे सकीं। उन्हें इतने इरादे के साथ बल्लेबाजी करते देख दूसरे छोर पर मुझे भी अपने शॉट खेलने का आत्मविश्वास मिला।'
भारत ने 115 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 19 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद निकी प्रसाद ने नाबाद 39 रन बनाए, जबकि दीप्ति शर्मा ने 49 रन की पारी खेली। दोनों की साझेदारी की बदौलत भारत ने 15.4 ओवर में छह विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ स्मृति मंधाना की कप्तानी की शुरुआत सफल रही। हालांकि, उनके बयान से साफ है कि भारतीय टीम जीत के बावजूद अपनी गलतियों को सुधारने और आने वाले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने पर ध्यान देना चाहती है।