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Team India: शार्दुल ने ऑस्ट्रेलिया दौरे को लेकर तोड़ी चुप्पी, रणजी के इस सत्र में बनाए 402 रन और झटके 33 विकेट

Fri, 14 Feb 2025 12:53 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शार्दुल ने कहा, 'कोई अतिरिक्त प्रयास करने के लिए कोई हताशा नहीं थी। मैंने अपने मूल बातों पर ध्यान केंद्रित किया। अगर आप मुझसे पूछेंगे कि मुंबई के लिए खेलते हुए मुझे क्या चीज खास बनाती है तो मैं कहूंगा कि नियमित अंतराल पर विकेट लेना और नॉकआउट चरण में अच्छा प्रदर्शन करना।'
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शार्दुल ठाकुर - फोटो : Twitter
ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए नहीं चुने जाने पर शार्दुल ठाकुर ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि एक पेशेवर क्रिकेटर की जिंदगी में उतार चढ़ाव आते रहते हैं। हालांकि, उनका नहीं चुना जाना परेशान करने वाला था। शार्दुल ने इसका जवाब इस सत्र के रणजी ट्रॉफी में दिया है। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 33 विकेट झटके हैं और साथ ही 402 रन बनाए। अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से उन्होंने सभी का दिल जीता। भारत को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 3-1 से पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था।

शार्दुल ठाकुर देश के शीर्ष ऑलराउंडर्स में से एक हैं। उन्होंने भारत के लिए 11 टेस्ट, 47 वनडे और 25 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। हालांकि, उन्होंने राष्ट्रीय टीम के लिए पिछला मैच दिसंबर, 2023 में दक्षिण अफ्रीका में खेला था। तब से शार्दुल का उपयोग किसी भी प्रारूप में नहीं किया गया है। वह ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज के लिए टीम में भी नहीं थे। उन्होंने अब अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे की अनदेखी पर खुल कर बात की है और कहा है कि वह भारत के इंग्लैंड दौरे का इंतजार कर रहे हैं, जो कि जून में खेला जाना है।
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शार्दुल ठाकुर - फोटो : Twitter
'शुरुआत में यह काफी परेशान करने वाला था'
शार्दुल ने रेव स्पोर्ट्ज से कहा, 'जब टीम चुनी गई थी तब मेरा नाम वहां नहीं था, शुरुआत में यह काफी परेशान करने वाला था। यह कठिन था, लेकिन पेशेवर क्रिकेटर होने के नाते हम समझते हैं कि करियर में उतार-चढ़ाव होते रहते हैं। उस समय मैंने जो सोचा वह यह था कि अगर मैं क्रिकेट में और अधिक हासिल करना चाहता हूं, तो मैं अब अस्वीकृति पर ध्यान नहीं दे सकता। उम्मीद थी कि अगर मुझे कोई मौका मिलता है, तो मुझे तैयार रहना चाहिए।'
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शार्दुल ठाकुर - फोटो : Twitter
'मैंने अपने मूल बातों पर ध्यान केंद्रित किया'
शार्दुल ने कहा, 'कोई अतिरिक्त प्रयास करने के लिए कोई हताशा नहीं थी। मैंने अपने मूल बातों पर ध्यान केंद्रित किया। अगर आप मुझसे पूछेंगे कि मुंबई के लिए खेलते हुए मुझे क्या चीज खास बनाती है तो मैं कहूंगा कि नियमित अंतराल पर विकेट लेना और नॉकआउट चरण में अच्छा प्रदर्शन करना। ये सभी मेरे लिए प्रेरणा के रूप में काम करते हैं और मुझे विश्वास है कि अगर मैंने पहले से ही इन चीजों को किया है, तो मैं उन्हें फिर से कर सकता हूं।'

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शार्दुल ठाकुर - फोटो : Twitter
'मेरा ध्यान अब चैंपियंस ट्रॉफी, आईपीएल और इंग्लैंड दौरे पर लगा है'
उन्होंने कहा, 'जब टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए आई तो मेरा ध्यान अब चैंपियंस ट्रॉफी, आईपीएल और अब आगामी इंग्लैंड दौरे पर लगा है। प्रेरणा वहां थी और मैंने उसी के अनुसार कड़ी मेहनत की।' शार्दुल ठाकुर अब टेस्ट के लिए भारत के इंग्लैंड दौरे का इंतजार कर रहे हैं, जो जून में शुरू होगा। उन्होंने कहा, 'आत्मविश्वास और आत्मविश्वास काफी ऊंचा है। देश के लिए खेलने से बड़ी कोई प्रेरणा नहीं है। अगर आप टीम इंडिया के कॉम्बिनेशन को देखें तो चाहे वह भारत में खेल रहा हो या विदेश में, आपको हमेशा ऐसे गेंदबाज की जरूरत होती है जो नंबर 7 या 8 पर बल्लेबाजी कर सके। रविचंद्रन अश्विन अच्छी बल्लेबाजी भी करते थे और कई मैच जिताते थे। रवींद्र जडेजा ने भी यह क्षमता दिखाई है। मेरा मानना है कि मेरे पास नंबर 7 या 8 पर भी टीम इंडिया के लिए प्रदर्शन करने का कौशल है।'
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शार्दुल ठाकुर - फोटो : PTI
'मैं टीम में तीसरा या चौथा तेज गेंदबाज हूं तो...'
उन्होंने कहा, 'अगर मैं टीम में तीसरा या चौथा तेज गेंदबाज हूं तो इसका मतलब यह नहीं है कि मैं किसी से कम हूं। रणजी ट्रॉफी में मुंबई के लिए मैं मुख्य गेंदबाज के रूप में खेलता हूं इसलिए मुझे नई गेंद से गेंदबाजी करने की आदत है। इसलिए अगर जसप्रीत बुमराह एक छोर से गेंदबाजी कर रहे हैं और टीम इंडिया के कप्तान चाहते हैं कि मैं दूसरे छोर से शुरुआत करूं, तो मैं इसके लिए तैयार हूं, क्योंकि यह मेरे लिए कोई नई बात नहीं है। मेरा मानना है कि मेरी गेंदबाजी में विभिन्न परिस्थितियों के अनुसार समायोजित करने की बहुमुखी प्रतिभा है।'
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शार्दुल ठाकुर - फोटो : Twitter
'मैंने डेथ ओवरों में अधिक गेंदबाजी की'
उन्होंने कहा, 'अगर आप टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के बारे में सोचें तो जिन मैचों में बुमराह और मैं साथ खेले, उनमें मैंने डेथ ओवरों में अधिक गेंदबाजी की। टेस्ट क्रिकेट में मैं पुरानी और नई दोनों गेंद से गेंदबाजी कर सकता हूं। बल्ले से मुझे लगता है कि आठवें से लेकर ग्यारह तक का कोई भी रन टीम के लिए मूल्यवान है। खासकर जब हम इंग्लैंड का दौरा कर रहे होते हैं, तो एक विदेशी टीम के रूप में, वे अतिरिक्त रन गेंदबाजों के लिए एक सहारा प्रदान करते हैं। आखिरकार, वे एक विशेष खेल में महत्वपूर्ण अंतर बन जाते हैं।'
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