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रिश्तों के आगे हारा क्रिकेट का भगवान, आखिर अपने भाई अजीत से क्यों नहीं जीतना चाहते थे सचिन

Thu, 02 May 2019 05:48 PM IST
Sumit kumar स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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sachin tendulkar with his brother
सचिन तेंदुलकर के कैरियर में उनके भाई अजीत का योगदान किसी से छिपा नहीं है और तेंदुलकर ने बताया कि जब दोनों भाई एक दूसरे के आमने सामने थे और कोई जीतना नहीं चाहता था। तेंदुलकर बांद्रा उपनगर में एमआईजी क्रिकेट क्लब में अपने नाम के पवेलियन के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे। 
 
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सचिन - फोटो : social media
उन्होंने कहा, 'मैने कभी इसके बारे में नहीं बोला लेकिन पहली बार बोल रहा हूं। कई साल पहले , मुझे याद भी नहीं है कि मैं अंतरराष्ट्रीय या रणजी क्रिकेट खेलता था या नहीं लेकिन मैं अच्छा खेलता था।'
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sachin and waqar
उन्होंने कहा, 'मुझे पता था कि मेरा ग्राफ ऊपर जा रहा है। उस समय एमआईजी में एक विकेट का टूर्नामेंट होता था। मैं एक टूर्नामेंट खेल रहा था जिसमें अजीत भी खेल रहा था। हम दोनों अलग अलग पूल में थे।' उन्होंने कहा, 'सेमीफाइनल में हमारा सामना हुआ और वही एकमात्र मैच हमने एक दूसरे के खिलाफ खेला। बंगाल क्रिकेट क्लब में भी हम एक मैच खेले लेकिन एक दूसरे के खिलाफ नहीं।'
 

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sachin tendulkar - फोटो : getty images
तेंदुलकर ने कहा, 'मैं अजीत की भाग भंगिमा से समझ गया था कि वह जीतना नहीं चाहता और मैं भी। हम एक दूसरे को हराना नहीं चाहते थे। मैने बल्ले बाजी शुरू की और उसने जान बूझकर नो बॉल और वाइड बॉल डालनी शुरू कर दी। मैं जान बूझकर रक्षात्मक खेल रहा था जो एक विकेट क्रिकेट में नहीं होता है।'
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sachin tendulkar young
उन्होंने कहा, 'अजीत ने मेरी तरफ देखकर ढंग से बल्लेबाजी का इशारा किया। आपको अपने बड़े भाई की बात माननी पड़ती है। मैने वह मैच नहीं जीता बल्कि वह हार गया। हम दोनों समान नतीजा चाहते थे लेकिन मेरी टीम फाइनल में पहुंच गई।'
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