सचिन तेंदुलकर
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तेंदुलकर ने यहां ‘इंडिया टुडे’ कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘‘मुझे लगता है कि ऐसा ही माहौल था। उस समय भारतीय क्रिकेट से जुड़ी जो चीजें हो रही थी उनमें सब कुछ सही नहीं था। हमें कुछ बदलाव की जरूरत थी और मुझे लगता था कि अगर वे बदलाव नहीं हुए तो मैं क्रिकेट छोड़ देता। मैं क्रिकेट को अलविदा कहने को लेकर 90 प्रतिशत सुनिश्चित था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मेरे भाई ने मुझे कहा कि 2011 में विश्व कप फाइनल मुंबई में है क्या तुम उस खूबसूरत ट्राफी को अपने हाथ में थामने की कल्पना कर सकते हो।’’