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लॉर्ड्स टेस्ट में सचिन तेंदुलकर की उस मदद को कभी नहीं भूलते सौरव गांगुली

Fri, 02 Mar 2018 05:21 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और 'क्रिकेट के भगवान' माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर की दोस्ती से लगभग सभी क्रिकेट फैंस वाकिफ हैं। दोनों की दोस्ती अंडर-16 क्रिकेट के दिनों से हुई, जो इंटरनेशनल क्रिकेट में भी बरकरार रही। सौरव गांगुली ने अब तेंदुलकर के साथ अपनी दोस्ती के एक किस्से का उल्लेख किया है।
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सौरव गांगुली
सौरव गांगुली ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया है, जिसमें 1996 में लॉर्ड्स टेस्ट का जिक्र किया गया है। गांगुली ने बताया कि उनके बल्ले में दरार पड़ गई थी, लेकिन वह उसी बल्ले से खेलना चाहते थे क्योंकि उस बल्ले से वह काफी रन बना रहे थे। टी ब्रेक के दौरान गांगुली के बल्ले की टेपिंग तेंदुलकर ने की थी।
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सचिन तेंदुलकर
दादा के नाम से मशहूर गांगुली ने कहा, 'मैं अपने पहले टेस्ट में था। टी ब्रेक तक मैं 100 रन पर खेल रहा था। तकरीबन छह घंटे बल्लेबाजी करने के बाद मैं आया। मेरे बल्ले का हैंडल चटक गया था, जिसके कारण उसमें दरार पड़ गई थी। ब्रेक सिर्फ 15 मिनट के लिए था। मैं टेप से बल्ले को बांधने में जुटा था, तभी सचिन वहां आए और बोले- तुम आराम से चाय पियो, क्योंकि तुम्हें जाकर अभी खेलना है। मैं उसे (बल्ले) सही कर देता हूं।'

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सौरव गांगुली और एमएस धोनी
बहरहाल, गांगुली को भारत के सर्वकालिक महान कप्तानों में से एक माना जाता है। उन्होंने हाल ही में प्रकाशित अपनी नई किताब 'अ सेंचुरी इज नॉट इनफ' में कई रोचक किस्सों का खुलासा किया है। गांगुली ने धोनी को लेकर भी एक खुलासा करते हुए कहा, 'काश 2003 वर्ल्ड कप में मेरी टीम में धोनी होते। मुझे कहा गया कि जब हम 2003 वर्ल्ड कप खेल रहे थे, वह तब भी टिकट कलेक्टर थे।'
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MS Dhoni
उन्होंने आगे कहा, 'धोनी की खोज करके मैं बहुत खुश हूं। उन्होंने अपने आप को इस स्तर तक पहुंचाया और अब सभी जानते हैं कि वह किसी भी टीम के लिए कितनी अहमियत रखते हैं।
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