सचिन तेंदुलकर
दादा के नाम से मशहूर गांगुली ने कहा, 'मैं अपने पहले टेस्ट में था। टी ब्रेक तक मैं 100 रन पर खेल रहा था। तकरीबन छह घंटे बल्लेबाजी करने के बाद मैं आया। मेरे बल्ले का हैंडल चटक गया था, जिसके कारण उसमें दरार पड़ गई थी। ब्रेक सिर्फ 15 मिनट के लिए था। मैं टेप से बल्ले को बांधने में जुटा था, तभी सचिन वहां आए और बोले- तुम आराम से चाय पियो, क्योंकि तुम्हें जाकर अभी खेलना है। मैं उसे (बल्ले) सही कर देता हूं।'