सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली
चैपल ने इसके बाद उदाहरण देकर समझाया है कि गांगुली-तेंदुलकर के समय में कैसे प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय टीम के पास दो अच्छे तेज गेंदबाज थे। उन्होंने लिखा, ‘उन्होंने (तेंदुलकर-गांगुली) ने अपना अधिकतर समय सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजी जोड़ियों के सामने पारी का आगाज करते हुए बिताया। पाकिस्तान के वसीम अकरम और वकार यूनुस, वेस्टइंडीज के कर्टली एंब्रोस और कर्टनी वॉल्श, ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैकग्रा और ब्रेट ली, दक्षिण अफ्रीका के एलन डोनाल्ड ओर शॉन पोलाक, श्रीलंका के लसिथ मलिंगा और चामिंडा वास का सामना करते हुए किसी भी बल्लेबाज के कौशल की असली परीक्षा होती है।’