130 करोड़ भारतीय रुक जाया करते थे जब 'क्रिकेट के भगवान' सचिन तेंदुलकर बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरते थे। सचिन के संन्यास ने कई फैंस को क्रिकेट से दूर कर दिया है। सचिन भारत के लिए क्या थे, इसको शब्दों में बयान कर पाना आसान नहीं। दो दशक से ज्यादा के सफर में सचिन ने अनगितन यादगार लम्हे दिए और भरपूर मनोरंजन किया।
विज्ञापन
तो ये सारी चीजें होती थीं सचिन के किट बैग में!
2 of 7
सचिन तेंदुलकर
- फोटो : asas
निर्देशक जेम्स एर्सकीन ने मैदान के बाहर के सचिन की जिंदगी को रूपहरे पर्दे पर बखूबी उतारा। 138 मिनट की रील में सचिन की जिंदगी को समेट पाना अपने आप में ही एक चुनौती थी। मगर इस फिल्म में एक बात कई लोग नजरअंदाज कर गए। अंतरराष्ट्रीय मैदान पर पदार्पण कर चुके सचिन के किट बैग में क्या चीजें हुआ करती थीं, इन बातों से कई लोग अनजान हैं। जानिए क्या-क्या था सचिन के किटबैग में:
विज्ञापन
तो ये सारी चीजें होती थीं सचिन के किट बैग में!
3 of 7
सचिन तेंदुलकर
- फोटो : getty
सबसे पहले सचिन के किटबैग में उनके बैट, ग्लव्स और जूते हुआ करते थे। सचिन का कहना है कि वो कभी अपने बल्ले के वजन को लेकर चिंतित नहीं हुए। उनकी सबसे ब़ड़ी फिक्र लकड़ी को लेकर हुआ करती थी। बताया जाता है कि सचिन काफी भारी बल्ले से बैटिंग किया करते थे।
तो ये सारी चीजें होती थीं सचिन के किट बैग में!
4 of 7
सचिन तेंदुलकर
- फोटो : ESPN
इसके अलावा उनके बैग में भगवान गणेश की तस्वीर रहती थी। सचिन की गणपति में असीम और अटूट आस्था थी। इसके अलावा उनके किटबैग में सत्य साईं बाबा की तस्वीर भी थी। सचिन पुट्टुपर्थी के सत्य साईं ने अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए थे।
विज्ञापन
तो ये सारी चीजें होती थीं सचिन के किट बैग में!
5 of 7
Sachin Tendulkar
इसके अलावा उनके किट बैग में तिरंगे की तस्वीर भी हुआ करती थी। यह तस्वीर उनके बेटे अर्जुन और बेटी सारा ने बनाई थी। इस तस्वीर के साथ लिखा था 'ऑल द बेस्ट फ्रॉम मम्मा, सारा एंड अर्जुन'
विज्ञापन
तो ये सारी चीजें होती थीं सचिन के किट बैग में!
6 of 7
सचिन तेंदुलकर
- फोटो : getty
इसके अलावा उनके बैग में एक बैग और हुआ करता था। इस बैग में वो सिर्फ बल्लों कि ग्रिप्स रखा करते थे। इसके अलावा वो अपने बैग में सैंडपेपर, ग्लू और बल्ले को ठीक करने का सामान भी रखा करते थे। सचिन बैट को दुरुस्त करने में उस्ताद थे।
इसके अलावा उनके बैग में एक विशेष थाई-पैड भी था। यह थाई-पैड उन्होंने खुद ही डिजाइन किया था। यह पैड काफी मोटा था, जिसकी वजहे से उनके पैरों को अतिरिक्त सुरक्षा मिलती थी। इसके अलावा सचिन के ग्लव्स के बाएं हाथ की तर्जनी ने अतिरिक्त परत होती थी, ताकि बाएं हाथ पर जोर कम पड़े।