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IND vs SA: अफ्रीका दौरे पर इन पांच चुनौतियों से पार पाना चाहेंगे रोहित, जानिए विराट की मौजूदगी कितनी जरूरी

Sat, 11 Dec 2021 06:26 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वनडे कप्तान बनने के बाद रोहित शर्मा 2023 वर्ल्डकप के लिए भारतीय टीम को तैयार करने की कोशिश करेंगे। इस दौरे में रोहित के सामने कई चुनौतियां होंगी। खासकर पिछले टी-20 वर्ल्डकप में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें कई अहम बिंदुओं पर काम करना है। 
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रोहित शर्मा - फोटो : सोशल मीडिया
विराट कोहली के बाद रोहित शर्मा भारत के नए वनडे कप्तान बन चुके हैं। रोहित के ऊपर आईसीसी टूर्नामेंट में टीम से अच्छा प्रदर्शन करवाने की जिम्मेदारी होगी। आईपीएल में कप्तानी करते हुए रोहित का रिकॉर्ड शानदार है और उन्होंने सबसे ज्यादा पांच ट्रॉफी जीती हैं। भारत के लिए भी उनसे ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद होगी। भारत को अगले दो सालों में दो आईसीसी टूर्नामेंट खेलने हैं। रोहित को इनमें टीम इंडिया को चैंपियन बनाना होगा। इससे पहले वो कई पहलुओं पर काम करना चाहेंगे। मध्यक्रम की परेशानी और बड़े मैचों में अच्छा प्रदर्शन करना इनमें से प्रमुख हैं।

इन चुनौतियों से निपटने में विराट की अहमियत बहुत ज्यादा है। कप्तानी में विराट रोहित की मदद करेंगे और युवा खिलाड़ियों को तैयार करने में भी उनकी भूमिका बहुत ज्यादा रहेगी। जिन चुनौतियों से रोहित को निपटना है विराट उनसे भली भांति वाकिफ हैं और हर कदम में वो रोहित की मदद करेंगे। इससे पहले धोनी ने भी विराट के लिए वही भूमिका निभाई थी, जो विराट को रोहित के लिए निभानी है। 
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विराट कोहली और रोहित शर्मा - फोटो : सोशल मीडिया
कप्तानी में बदलाव
विराट कोहली के कप्तानी से हटने के बाद कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। कई मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि खिलाड़ी उनकी कप्तानी में खुश नहीं थे और कोई भी टीम में अपनी जगह को लेकर निश्चिंत नहीं था। ऐसे में रोहित सभी खिलाड़ियों पर भरोसा जताकर उनसे खुलकर प्रदर्शन करने को कहेंगे। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के दौरान उन्होंने यह बात कही भी है। इसके अलावा रोहित व्यक्तिगत प्रदर्शन की बजाय टीम के रूप में मैच जीतने पर ज्यादा ध्यान देंगे। वो सही खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल करके उन्हें सही मौके पर जगह देने की कोशिश करेंगे। वहीं वो अपनी बजाय बाकी खिलाड़ियों को ज्यादा तवज्जो देंगे ताकि वो विराट जैसी स्थिति से बच सकें।  
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2017 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल - फोटो : सोशल मीडिया
मुश्किल हालातों से निपटने की तैयारी 
रोहित ने कहा है कि वो मुश्किल हालातों के लिए अपनी टीम को तैयार करना चाहते हैं। अगर सेमीफाइनल या फाइनल मैच में भारत का स्कोर 10 रन पर तीन विकेट हो जाता है तो मध्यक्रम के बल्लेबाजों को ऐसी स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा है कि अगले एक साल में वो इसी चीज पर काम करेंगे। पिछले चार आईसीसी टूर्नामेंट में भारत के साथ ऐसा हुआ है, जब टीम इंडिया का टॉप ऑर्डर अहम मैचों में फेल हुआ है और मध्यक्रम पारी नहीं संभाल पाया। 

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2017 चैंपियंस ट्रॉफी - फोटो : सोशल मीडिया
बड़े मैचों में अच्छे प्रदर्शन का दबाव 
विराट की कप्तानी में टीम इंडिया ने द्विपक्षीय सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन कोई आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाई। 2017 चैंपियंस ट्रॉफी से लेकर 2021 वर्ल्डकप तक हर बार अहम मैचों में भारत के शुरुआती बल्लेबाजों ने निराश किया और बाद में पूरी टीम छोटे स्कोर पर सिमट गई। इससे यह साफ होता है कि टीम के खिलाड़ी बड़े मैचों में दबाव में आ रहे हैं और अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे। ऐसे में रोहित को खिलाड़ियों के अंदर से दबाव हटाना होगा और बड़े मैच जीतने की आदत डालनी होगी। उन्होंने इससे पहले मुंबई इंडियंस के लिए यह काम बखूबी किया है। 
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हार्दिक के गेंदबाजी न करने पर उन्हें भारतीय टीम से बाहर किया जा सकता है। - फोटो : सोशल मीडिया
हार्दिक के विकल्प की तलाश
कपिलदेव के जाने के बाद से भारत एक ऐसे ऑलराउंडर की खोज में है, जो तेज गेंदबाजी करने के साथ ही बल्ले से भी योगदान दे सके। हालांकि टीम इंडिया की यह खोज अब तक पूरी नहीं हुई है। कुछ समय के लिए हार्दिक ने यह काम जरूर किया, लेकिन बाद में वो लगातार चोट से परेशान रहे हैं और पिछले कुछ समय से उनका प्रदर्शन बहुत ही साधारण रहा है। अब भारत को वेंकटेश अय्यर में यह संभावना दिख रही है, लेकिन अय्यर को निखारने में रोहित का बड़ा योगदान होगा। 
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सूर्यकुमार यादव - फोटो : social media
मध्यक्रम की परेशानी
रैना और युवराज जैसे खिलाड़ियों के भारतीय टीम से बाहर होने के बाद मध्यक्रम भारतीय टीम की बड़ी परेशानी रहा है। चौथे नंबर पर रायडू से लेकर रहाणे, अय्यर और सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ियों को मौका दिया जा चुका है, लेकिन अब तक यह समस्या बनी हुई है। अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में रोहित इस परेशानी का समाधान भी ढूढेंगे और सूर्यकुमार या श्रेयस अय्यर को चौथे नंबर पर लगातार मौके देकर उन्हें तैयार कर सकते हैं।
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