रोहित शर्मा
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लाड ने मुंबई में पीटीआई से कहा कि मैंने उसे बचपन से ही बल्लेबाजी करते हुए देखा है, उसमें कोई बदलाव नहीं आया है। उसमें सिर्फ यह बदलाव आया है कि अनुभव के साथ वह ज्यादा परिपक्व हो गया है।रोहित ने 2007 से 2009 तक अच्छा खेल दिखाया और जिम्बाब्वे के खिलाफ दो शतक भी लगाए, 2009 से 2011 तक शोहरत और अधिक पैसे के कारण उसका ध्यान भटक गया, जिससे उसने खेल पर ध्यान देना कम कर दिया। इसी कारण वह 2011 वर्ल्ड कप की टीम में जगह नहीं बना सका।