9 नवंबर से भारत और इंग्लैंड के बीच 5 टेस्ट मैचों की सीरीज शुरू हो रही है। भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 112 टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिनमें से इग्लैंड ने 43 और भारत ने महज 21 टेस्ट ही जीते हैं। आखिरी बार भारत ने 2008 में इंग्लैंड से 2 टेस्ट मैचों की सीरीज जीती थी।
हालांकि पिछली बार की इंग्लिश टीम और अभी की इंग्लिश टीम में कई बदलाव आ चुके हैं। ग्रीम स्वॉन, मॉन्टी पनेसर और केविन पीटरसन टीम का हिस्सा नहीं है। बेशक भारतीय टीम के प्रदर्शन को देखते हुए टीम इंडिया पर ही दांव खेला जा सकता है। मगर इंग्लैंड के पिछड़ने के और भी कारण हैं:
विज्ञापन
ऐसी वजहें जिनके चलते टेस्ट सीरीज में भारत का पलड़ा है भारी
2 of 6
एलेस्टर कुक
- फोटो : getty
इंग्लैंड की टीम में अनुभव की कमी
2012 की सीरीज में कुक, पीटरसन, जोनाथन ट्रॉट और मैट प्रायर ने करीब 1500 रन बनाए थे। ये चारों बल्लेबाज टॉप 5 स्कोर करने वाले बल्लेबाज थे। प्रज्ञान ओझा और रविचंद्रन अश्विन ने जहां 20 और 14 विकेट लिए थे, वहीं ग्रीम स्वान, मोंटी पनेसर और जेम्स एंडरसन ने 20, 17 और 12 विकेट लिए थे। ये तीनों टॉप 5 गेंदबाजों में शामिल थे।
इस बार की इंग्लैंड टीम में केवल कुक और जोए रूट ही ऐसे बल्लेबाज हैं, जिनके पास अनुभव है। इंग्लैंड पूरी तरह से बेन स्टोक्स पर निर्भर है, लेकिन उपमहाद्वीप की पिचों पर उन्हें अपने ऑलराउंड खेल को साबित करना होगा।
विज्ञापन
ऐसी वजहें जिनके चलते टेस्ट सीरीज में भारत का पलड़ा है भारी
3 of 6
जॉनी बेयरस्टो
- फोटो : getty
बांग्लादेश सीरीज में इंग्लैंड के बल्लेबाजों का प्रदर्शन
बांग्लादेश के खिलाफ हार से इंग्लिश टीम के हौंसले पस्त होंगे। इंग्लैंड के बल्लेबाजों के निराशानजक प्रदर्शन को इस बात से भी आंका जा सकता है कि 2 मैचों में 128 रन बनाकर स्टोक्स सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाले इंग्लिश बल्लेबाज थे। गेंदबाज क्रिस वोक्स 110 रन के साथ तीसरे नंबर के सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। इंग्लैंड के लिए गहरी चिंता यह है कि उन्हें रनों के लिए रूट, स्टोक्स और कुक पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
ऐसी वजहें जिनके चलते टेस्ट सीरीज में भारत का पलड़ा है भारी
4 of 6
मोइन अली
- फोटो : getty
स्वान-पनेसर से अली-रशीद
मोइन अली और अली रशीद अच्छे स्पिनर हैं, लेकिन स्वॉन और पनेसर जितने प्रभावी और घातक नहीं। बांग्लादेश दौरे पर अली और रशीद को महज 11 और 7 विकेट मिले। बांग्लादेश के युवा गेंदबाज मेहदी हसन मिराज ने 19 और शाकिब अल हसन ने 12 विकेट लिए। ऐसे में भारतीय स्पिन पिचों पर उनका असरदार होना मुश्किल ही नजर आता है। अगर इंग्लैंड को भारत को टक्कर देनी है तो उनके स्पिनरों को अश्विन और जडेजा की जोड़ी की तरह अच्छी गेंदबाजी करनी होगी।
विज्ञापन
ऐसी वजहें जिनके चलते टेस्ट सीरीज में भारत का पलड़ा है भारी
5 of 6
जेम्स एंडरसन
- फोटो : getty
जेम्स एंडरसन की कमी
कहते है कि ‘बेस्ट’ का कोई विकल्प नहीं होता और जेम्स एंडरसन इंग्लैंड के बेस्ट बॉलर हैं। नई गेंद से जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड की जोड़ी से पार पाना आसान नहीं। भारत की बात करें तो केवल मोहम्मद शमी अपनी स्विंग से बल्लेबाजों को खूब परेशान कर रहे हैं। चोट की वजह से जेम्स एंडरसन पहला टेस्ट मैच नहीं खेल पाएंगे, ऐसे में उनके स्थान पर स्टीव फिन को टीम में जगह मिल सकती है। स्टोक्स पार्ट टाइम गेंदबाजी कर सकते हैं, लेकिन उनकी बल्लेबाजी पर असर पड़ सकता है। इंग्लैंड टीम में एंडरसन का कोई विकल्प नहीं है।
ऐसी वजहें जिनके चलते टेस्ट सीरीज में भारत का पलड़ा है भारी
6 of 6
आर अश्विन
- फोटो : PTI
अश्विन-जडेजा की खतरनाक जोड़ी
पिछले 2 सालों में अश्विन और जडेजा ने भारत में 7 टेस्ट मैच खेले हैं। इनमें अश्विन ने 14.22 की औसत से 58 विकेट और जडेजा ने 15.83 की औसत से 37 विकेट झटके हैं। लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने पिछले 2 सालों में 7 टेस्ट मैचो में 20.64 की औसत से 28 विकेट लिए हैं। वो अश्विन-जडेजा के शानदार विकल्प के तौर पर उभरे हैं। जब टीम को जरुरत पड़ी तो अश्विन और मिश्रा ने श्रीलंका में श्रीलंका के खिलाफ मिलकर धारदार गेंदबाजी की। इन तीनों की स्पिन तिकड़ी अनुभवहीन इंग्लिश बल्लेबाजों के लिए बहुत ही खतरनाक साबित हो सकती है।