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खड़ूस माने जाते हैं कोच शास्त्री, ऐतिहासिक जीत के बाद वो भी रो पड़े

Tue, 19 Jan 2021 11:02 PM IST
मुकेश कुमार झा स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, ब्रिस्बेन
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रवि शास्त्री - फोटो : social media
मुंबई की भाषा में भारतीय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री को 'खड़ूस' कहा जाता है यानी वह आम तौर पर अपने जज्बात जाहिर नहीं करते लेकिन भारत की युवा टीम की ऑस्ट्रेलिया पर शानदार जीत के बाद रवि शास्त्री भी अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख सके। 
 
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टीम इंडिया - फोटो : social media
दरअसल, 1984 में शास्त्री भारत की अंडर 25 टीम कप्तान थे। उस समय उन्होंने टीम मैनेजर को मोहम्मद अजहरूद्दीन को उनके दादा की सेहत नासाज होने के बारे में बताने नहीं दिया था क्योंकि अजहर उस समय भारतीय टीम में जगह बनाने की दहलीज पर थे और शास्त्री नहीं चाहते थे कि मैच छोड़कर वह यह मौका गंवाए। वही शास्त्री गाबा का किला फतह होने के बाद हाथ में तिरंगा लेकर मैदान का चक्कर लगाते ऋषभ पंत, मोहम्मद सिराज और शार्दुल ठाकुर को देखकर भावुक हो गए। 
 
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रवि शास्त्री - फोटो : social media
शास्त्री ने कहा, 'मैं भावुक हो गया। आम तौर पर मेरी आंख में आंसू नहीं आते लेकिन मैं भी भावुक हो गया। उन्होंने कहा, 'मेरी आंखें भर आई क्योंकि यह अवास्तविक था। इन लड़कों ने जो किया, वह इतिहास में सबसे शानदार जीत में से एक के रूप में दर्ज हो जाएगा। कोरोना काल, खिलाड़ियों की चोटें और 36 रन पर आउट होने के बाद ऐसा प्रदर्शन।'
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रवि शास्त्री - फोटो : ट्विटर
खिलाड़ियों को सारी सुर्खियां मिलने से क्या उन्हें लगता है कि श्रेय नहीं मिला, यह पूछने पर उन्होंने कहा, 'कोच का काम होता है लड़कों को मानसिक रूप से तैयार करना। उनका जो माइंडसेट है उसको क्लीयर करने के लिए। ज्यादा पेचीदा करने की जरूरत नहीं और खेल सरल रखा तो काफी काम होता है।'उन्होंने कहा, 'और कोच का क्या। वो तो ड्रेसिंग रूम में बैठा रहता है। लड़के बाहर जाकर लड़ते हैं। कोई स्टेटमेंट का जरूरत नहीं। क्रिकेट बात करेगा।'
 
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