सरफराज ने उस वक्त सुर्खियां बटोरी जब उन्होंने अपना पहला तिहरा शतक जड़ा। उन्होंने सबसे पहले 19-22 जनवरी तक चले एलीट ग्रुप-बी के उत्तरप्रदेश और मुंबई के मैच में तिहरा शतक जमाया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के खिलाफ मैच में 391 गेंदों में 30 चौके और आठ छक्के की मदद से नाबाद 301 रन बनाए।
इसके बाद उन्होंने 27-30 जनवरी तक चलने वाला मैच जिसमें सिर्फ एक दिन का खेल हो सका और तीन दिन बारिश की भेंट चढ़ गए, उसमें सरफराज ने पहले दिन ही 213 गेंदों में 32 चौके और चार छक्के की मदद से 226 रनों की नाबाद पारी खेली। धर्मशाला में खेले गए इस मुकाबले में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ उन्होंने मात्र 199 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया।
सरफराज जिस तरह की फॉर्म में थे उसे देखकर लग रहा था कि वो अपना दूसरा तिहरा शतक भी जड़ देंगे लेकिन बारिश की वजह से उनके इस अरमान पर पानी फिर गया। बावजूद इसके उन्होंने दो मैचों में नाबाद रहते हुए 604 गेंदों के सामना करते हुए 527 रन जड़ दिए और इस दौरान रिकॉर्ड चौकों-छक्कों की भी बरसात की। हालांकि दोनों ही मैच पूरे नहीं किए जा सके और ड्रा पर खत्म हुए।
अब एक बार फिर से सरफराज के पास दोहरा/तिहरा शतक जड़ने का मौका है और वे जिस तरह के फॉर्म में हैं, उसे देखते हुए दूसरे दिन उनसे एक और बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी।
ओपनर हितेन दलाल (102) के करिअर के पहले शतक और हिम्मत सिंह (90) और जोंटी सिद्धू (92) की शानदार अर्द्धशतकीय पारियों से दिल्ली ने रणजी ट्रॉफी के अपने अंतिम लीग मुकाबले के पहले दिन राजस्थान के खिलाफ छह विकेट पर 389 रन बनाए हैं। स्टंप के समय क्षितिज शर्मा 11 और कुंवर बिधुड़ी 12 रन बनाकर क्रीज पर थे। हितेन ने अनुज रावत (45) के साथ पहले विकेट के लिए 142 रन जोड़कर टीम को शानदार शुुरुआत दिलाई। अनिकेत चौधरी ने रावत को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। तनवीर उल हक ने इसके बाद दिल्ली के कप्तान ध्रुव शोरे (01) को पगबाधा किया। हितेन भी करियर पहला शतक पूरा करने के बाद राहुल चाहर की गेंद पर पगबाधा हो गए। उन्होंने अपनी पारी में 93 गेंदों का सामना कर 18 चौके और एक छक्का लगाया। सिद्धू और हिम्मत ने पांचवें विकेट के लिए 147 रन की साझेदारी कर दिल्ली की पारी को संवारा। ये दोनों हालांकि शतक से चूक गए। सिद्धू को अशोक मेनारिया ने बोल्ड किया जबकि हिम्मत ने महिपाल लोमरोर की गेंद पर विकेटकीपर मनिंदर सिंह को कैच थमाया। गुजरात की ओर से तनवीर उल हक ने दो विकेट लिए।
विनय चौधरी (6/54) की उम्दा गेंदबाजी से पंजाब ने बंगाल की पहली पारी मात्र 138 रन पर समेट दी। इसके बाद दिन का खेल खत्म होने तक तीन विकेट पर 93 रन बनाकर अपना पलड़ा भारी कर लिया। कप्तान मनदीप सिंह 29 रन बनाकर क्रीज पर थे। ओपर रोहन मारवाह (48) दिन की आखिरी गेंद पर आउट हुए। उन्हें आकाश दीप ने अभिषेक रमन के हाथों कैच कराया। पंजाब अब सिर्फ 45 रन से पीछे है जबकि उसके सात विकेट शेष हैं। इससे पहले बंगाल की टीम कप्तान मनोज तिवारी के नाबाद 73 रन के बावजूद 49 ओवर में सिमट गई। तिवारी के अलावा कोई बल्लेबाज 20 रन के आंकड़े को भी नहीं छू पाया। पंजाब की ओर से बलतेज सिंह ने तीन विकेट झटके।
राहुल तेवातिया (7/98) की शानदार गेंदबाजी से हरियाणा ने जम्मू एंड कश्मीर को पहली पारी में 340 रन पर आउट दिया। जवाब में दिन का खेल खत्म होने तक उसने मात्र दो रन पर अपना पहला विकेट गंवा दिया। अंकित कुमार दो रन पर खेल रहे थे। जेएंडके ने 64 रन पर शुरुआती दो विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद शुभम पुंडीर (84) ने शुभम खजूरिया (62) के साथ तीसरे विकेट के लिए 66 और कप्तान परवेज रसूल (49) के साथ चौथे विकेट के लिए 80 रन जोड़कर टीम को संभाला। नौवें नंबर के बल्लेबाज रामदयाल ने 43 और दसवें नंबर के आबिद मुश्ताक ने नाबाद 29 रन की पारी खेली।
अपना दूसरा प्रथम श्रेणी मैच खेल रहे आकिब खान (5/42) की अगुआई में गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से उत्तर प्रदेश ने रणजी ट्रॉफी में हिमाचल प्रदेश की पहली पारी 220 रन पर समेट दी। इसके बाद पहले दिन का खेल खत्म होने तक यूपी ने भी 23 रन पर अपना एक विकेट गंवा दिया था। आर्यन जुयाल आठ और समीर रिजवी दो रन बनाकर क्रीज पर थे। उत्तर प्रदेश से न्योता पाकर बल्लेबाजी करने उतरी हिमाचल की टीम 70.2 ओवर में ही पवेलियन लौट गई। निखिल गंगटा ने 49, अंकुश बैंस ने नाबाद 47, आकाश वशिष्ठ ने 44 और राघव धवन ने 31 रन का योगदान दिया। यूपी की ओर से अंकित राजपूत ने तीन और सौरभ कुमार ने दो विकेट लिए।