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बिन मां के पृथ्वी शॉ को पिता ने पाला, अब डेब्यू मैच में इतिहास रच भावुक हुआ शतकवीर

Fri, 05 Oct 2018 12:18 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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prithvi shaw
टीम इंडिया के वंडर ब्वॉय पृथ्वी शॉ ने गुरुवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट करियर का डेब्यू शतक जमाकर इतिहास रच दिया। वह 18 वर्ष 329 दिन की उम्र में डेब्यू करने वाले पृथ्वी शॉ अपने पहले टेस्ट में शतक जमाने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। शॉ ने 154 गेंदों में 19 चौकों की मदद से 134 रन की बेहतरीन पारी खेली। आइए जानते हैं शॉ ने अपना डेब्यू शतक किन्हें समर्पित कियाः
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पृथ्वी शॉ
बता दें कि टीम इंडिया का यह नायाब सितारा पृथ्वी शॉ अपने करियर का पहला इंटरनेशनल शतक अपने पिता को समर्पित किया। पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद पृथ्वी ने कमेंटेटर से बातचीत में कहा कि वह अपना डेब्यू शतक अपने पिता के नाम करते हैं, जिन्होंने उनके लिए इतना त्याग और बलिदान किया है। पृथ्वी शॉ जब केवल चार साल के थे तब उनकी मां का निधन हो गया था।
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पृथ्वी शॉ
बातचीत में उन्होंने कहा, 'मैंने कभी नहीं सोचा था मुझे अंडर-19 वर्ल्ड कप में जीत के बाद भारत से डेब्यू का मौका मिल जाएगा। मैं मैच दर मैच आगे बढ़ा और आखिर में आज मैंने डेब्यू किया। मैं इस पारी को अपने पिताजी को समर्पित करता हूं। उन्होंने मेरे लिए काफी बलिदान किए। मैं अपने पिता के बारे में सोच रहा था और उन्होंने मेरे लिए काफी बलिदान किए। जब मैं शतक बनाता हूं तो उनके बारे में सोचता हूं और यह मेरा पहला टेस्ट शतक है और यह पूरी तरह से उन्हें समर्पित है।'

 

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पृथ्वी शॉ
जब शॉ से पूछा गया कि मैच से पहले उनके पिता ने उनसे क्या कहा था तो उन्होंने कहा, 'वह क्रिकेट के बारे में बहुत अधिक नहीं जानते। उन्होंने यही कहा कि जाओ और अपने डेब्यू का लुत्फ उठाओ। इसे एक अन्य मैच की तरह खेलो।'

 
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पृथ्वी शॉ
पृथ्वी शॉ ने जब इस बारे में पूछा गया कि यह आपका डेब्यू मैच है तो उन्होंने कहा, 'मैं जब भी क्रीज पर उतरता हूं तो गेंद के हिसाब से उसे खेलने की कोशिश करता हूं और इस मैच में भी मैं इसी मानसिकता के साथ खेलने के लिए उतरा। मैंने यह सोचकर कि यह मेरा पहला टेस्ट मैच है कुछ भी नया करने की कोशिश नहीं की। मैंने उसी तरह का खेल खेला जैसे मैं भारत ए और घरेलू क्रिकेट में खेलता रहा हूं।'

 
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पृथ्वी शॉ
आगे शॉ ने कहा, 'मैं शुरू में थोड़ा चिंतित था, लेकिन कुछ शॉट अच्छी टाइमिंग से खेलने के बाद मैं सहज हो गया। 10-15 ओवर के बाद मैं बिल्कुल सहज महसूस कर रहा था। इसके बाद मैंने किसी तरह का दबाव महसूस नहीं किया। मुझे गेंदबाजों पर दबदबा बनाना पसंद है और यही मैं कोशिश कर रहा था। मैंने ढीली गेंदों का इंतजार किया।'

 
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पृथ्वी शॉ
बता दें कि शॉ को इंग्लैंड दौरे पर भी टीम में शामिल किया गया था, लेकिन वह एक भी मैच नहीं खेल पाए थे। वेस्टइंडीज के खिलाफ प्लेइंग इलेवन में चयन होने पर उन्होंने कहा, 'यह कप्तान और कोच का फैसला था। मैं इंग्लैंड में भी तैयार था लेकिन आखिर में मुझे यहां मौका मिला। इंग्लैंड में अनुभव शानदार रहा। मैं टीम में सहज महसूस कर रहा था। विराट भाई ने कहा कि टीम में कोई सीनियर या जूनियर नहीं होता है। पांच साल से भी अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम में साथ में रहना बहुत अच्छा अहसास है। अब सभी दोस्त हैं।'

 
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विराट कोहली
बता दें कि टीम इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच खेले जा रहे पहले दिन का खेल खत्म हो गया है। दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया ने 4 विकेट के नुकसान पर 364 रन बना लिए हैं। फिलहाल, विराट कोहली 72* और ऋषभ पंत 17* रन बनाकर क्रीज पर जमे हुए हैं।
 
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