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'भावनाओं को काबू रखकर एकाग्र होना आसान नहीं था'

Thu, 27 Dec 2018 08:02 AM IST
Mukesh Jha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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मयंक अगरवाल
मयंक अग्रवाल पिछले एक साल से टीम इंडिया के लिए पदार्पण करने का इंतजार कर रहे थे। जब उनका यह सपना हकीकत में बदला तो उन पर भावनाएं हावी होने लगी, जिससे उनके लिए अपने काम पर ध्यान लगाना मुश्किल हो गया। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर अपने पहले टेस्ट में अर्द्धशतक जड़ने वाले अग्रवाल ने कहा कि भारत के लिए पदार्पण करना शानदार अहसास था। 
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टेस्ट मैच खेलते मयंक अग्रवाल
उन्होंने आगे कहा कि जब मुझे कैप मिली तो मुझ पर भावनाएं हावी थी। मैं अपने बाकी जीवन में इसे सहेजकर रखूंगा। पहला विचार नंबर 295 था (उनकी कैप का नंबर), लेकिन इस मौके पर भावनाएं आप पर हावी हो सकती हैं। खासकर  तब जब आपने ढेरों रन बनाए हों और भारत की ओर से पदार्पण का लंबे समय से इंतजार कर रहे हों। भावनाओं को काबू में रखकर एकाग्रता बनाए रखना आसान नहीं था, लेकिन ऐसा करने की जरूरत थी। 
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मयंक अगरवाल
27 साल के अग्रवाल ने कहा कि मैं अपनी योजनाओं पर कायम रहा और खुद से कहता रहा कि मुझे एक योजना को लागू करना है और मैं इस पर कायम रहूंगा। यह काफी बड़ा अवसर था और मैंने जैसी शुरुआत की उसकी खुशी है। यह बड़ा मंच और बड़ा मौका है। सीनियर खिलाड़ी मेरे पास आए और बोले कि जितना बड़ा दिन होता है, छाप छोड़ने का उतना ही बड़ा मौका भी होता है।

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Mayank Agarwal
इस 27 वर्षीय ओपनर ने कहा कि जब मुझे वेस्ट इंडीज के खिलाफ चुना गया तो मैं काफी खुश था। यह मेरे लिए बड़ा लम्हा था। इसके बाद चीजें मेरे हाथ में नहीं थी। मैं खेलूंगा या नहीं या मुझे चुना जाएगा या नहीं, यह मेरे हाथ में नहीं है। मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि जो भी हुआ और जो भी होगा, मैं काफी विशेष महसूस कर रहा हूं। मैं काफी भाग्यशाली हूं, क्योंकि मैंने अपना पदार्पण एमसीजी में किया। प्रत्येक खिलाड़ी को रणजी में रन बनाने होते हैं। मैंने भी यह किया और इसे लेकर मैं काफी खुश हूं। 
 
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मयंक अगरवाल
अग्रवाल ने कहा, मैंने काफी कुछ सीखा। जब आप पांच साल रणजी खेले हों और भारत के प्रत्येक हिस्से में खेले हों तो आप इससे काफी कुछ सीखते हो। आपको अलग अलग स्थितियों का सामना करना होता है और यह हमेशा काफी सीखने वाला होता है। एमसीजी की सपाट पिच पर असमान उछाल के बारे में अग्रवाल ने कहा, मैं पिच के बारे में शिकायत नहीं करूंगा। मुझे लगता है कि यह बल्लेबाजी के लिए अच्छी थी। शुरू में गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिल रही थी और पिच धीमी थी, लेकिन लंच के बाद यह थोड़ी तेज हो गई। 
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