कुछ समय पहले तक राष्ट्रीय चयन समिति के अध्यक्ष रहे प्रसाद ने भी माना कि राहुल की स्थिति ऋषभ से बेहतर है। उन्होंने कहा कि अगर आप भारत की पिछली न्यूजीलैंड श्रृंखला को देखे तो राहुल मेरी पहली पसंद होंगे और तीसरे विकल्प के रूप में संजू है। उन्होंने अच्छा किया और परिस्थितियों के अनुसार टीम को अतिरिक्त बल्लेबाज या गेंदबाज को खेलने का लचीलापन दिया है। उन्होंने कहा कि लेकिन हां, पांच महीने बाद हर कोई नई शुरुआत करेगा और आईपीएल में फॉर्म महत्वपूर्ण होगा।
प्रसाद और दासगुप्ता ने कहा कि धोनी के संन्यास की घोषणा से पंत को राहत मिली होगी। दासगुप्ता ने कहा कि पंत की तुलना बार-बार धोनी से होती थी, जिससे इस युवा खिलाड़ी पर काफी दबाव पड़ा। दबाव में वह बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सके। अब वह खुल कर खेल सकते हैं। उन्हें खिलाड़ी के तौर पर परिपक्क होने की जरूरत है। प्रसाद ने कहा कि ऋषभ पंत अब जूनियर माही की जगह ऋषभ ही रहेंगे।
उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट ने पिछले कुछ वर्षों में ऋषभ पंत में निवेश किया है। हमने इन वर्षों में पंत का सबसे अच्छा और सबसे खराब देखा है। वह ऐसा खिलाड़ी है, जो लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट की सेवा करेगा, बशर्ते उसे ठीक से तैयार किया जाए।
2014 में धोनी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद से अबतक लंबे प्रारूप में पांच विकेटकीपर्स टीम इंडिया के लिए ग्लव्स पहन चुके हैं। इनमें नमन ओझा, दिनेश कार्तिक, पार्थिव पटेल, ऋद्धिमान साहा और ऋषभ पंत शामिल हैं। उम्मीद है कि धोनी के जाने के बाद भारतीय टीम में ऐसी स्थिति नहीं पैदा होगी, जैसी नयन मोंगिया के जाने के बाद हुई थी। मोंगिया के संन्यास के बाद एमएसके प्रसाद, सबा करीम, विजय दहिया, समीर दिघे, दीप दासगुप्ता, अजय रात्रा, राहुल द्रविड़, पार्थिव पटेल और दिनेश कार्तिक को मौका मिला था। आखिर में धोनी ने आकर विकेट के पीछे की जिम्मेदारी बेहतरीन तरीके से संभाली थी।
केएल राहुल बतौर विकेटकीपर
| फॉर्मेट |
मैच |
स्टंपिंग |
कैच |
औसत |
| वन-डे |
5 |
2 |
5 |
75.75 |
| टी-20 |
5 |
1 |
3 |
56.00 |
ऋषभ पंत बतौर विकेटकीपर
| फॉर्मेट |
मैच |
स्टंपिंग |
कैच |
औसत |
| वन-डे |
9 |
1 |
4 |
27.12 |
| टी-20 |
16 |
4 |
5 |
19.70 |
संजू सैमसन बतौर विकेटकीपर
| फॉर्मेट |
मैच |
स्टंपिंग |
कैच |
औसत |
| टी-20 |
1 |
1 |
0 |
6.00 |