न्यूजीलैंड के हरफनमौला जिम्मी नीशाम जब इंग्लैंड के खिलाफ विश्व कप फाइनल के सुपर ओवर में छक्का लगाकर टीम को जिताने की कोशिश कर रहे थे, तब उनके हाई स्कूल के शिक्षक और शुरुआती कोच डेविड गोर्डन ने आखिरी सांसें ले रहे थे।
विज्ञापन
2 of 4
ग्रांडहोम-नीशाम
- फोटो : social media
सुपर ओवर में न्यूजीलैंड को जीत के लिए 16 रन चाहिए थे। स्कोर बराबर रहने के बाद चौकों छक्कों की गिनती के आधार पर टीम हार गई। गोर्डन की बेटी लियोनी ने कहा कि उनके पिता उस समय अस्पताल में थे।
विज्ञापन
3 of 4
जेम्स नीशाम
उन्होंने स्टफ डाट काम डाट न्यूजीलैंड से कहा, ‘आखिरी ओवर में और सुपर ओवर में एक नर्स भीतर आई तो उसने बताया कि उनकी सांस की गति बदल रही है। मुझे लगता है कि जब नीशाम ने वह छक्का जड़ा, तब उन्होंने आखिरी सांस ली।’
नीशाम ने गुरूवार को ट्वीट किया, ‘डेव गार्डन, मेरे हाई स्कूल शिक्षक, कोच और दोस्त। खेल के प्रति आपका प्यार अनुकरणीय था खासकर उन खुशकिस्मत लोगों के लिए जो आपके मार्गदर्शन में खेले। उम्मीद है कि उस मैच में हमारे प्रदर्शन पर आपको गर्व हुआ होगा। धन्यवाद। ईश्वर आपकी आत्मा को शांति दे।’