श्रेयस को प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया। उन्होंने 41 गेंद में पांच चौके और आठ छक्के की मदद से 87 रन की नाबाद पारी खेली। मैच के बाद उन्होंने आरसीबी के साथ फाइनल, दबाव और अन्य मुद्दों पर बातचीज की। आइए जानते हैं...
आईपीएल 2025 की दो फाइनलिस्ट टीमें तय हो चुकी हैं। रविवार को श्रेयस अय्यर की पंजाब किंग्स ने मुंबई इंडियंस को क्वालिफायर-दो के मुकाबले में हराकर फाइनल में जगह बनाई। अब तीन जून को पंजाब की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ खिताबी मुकाबला खेलेगी। फाइनल से पहले पंजाब की टीम के पास आराम करने के लिए बस एक दिन होगा। हालांकि, श्रेयस ने कहा कि उनकी टीम फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगी। उन्होंने आरसीबी को चेतावनी भी दी और कहा कि एक हार या एक मैच पंजाब किंग्स को एक टीम के रूप में परिभाषित नहीं करती। श्रेयस ने कहा कि अभी आधा काम हुआ है और उसे पूरा करना बाकी है। काम पूरा होने के बाद ही वह जश्न मनाएंगे। क्वालिफायर-दो में पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई ने 20 ओवर में छह विकेट पर 203 रन बनाए थे। जवाब में पंजाब ने 19 ओवर में पांच विकेट पर 207 रन बनाकर मैच जीत लिया।
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श्रेयस अय्यर
- फोटो : PTI
श्रेयस को प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया। उन्होंने 41 गेंद में पांच चौके और आठ छक्के की मदद से 87 रन की नाबाद पारी खेली। मैच के बाद उन्होंने बड़े मैचों में खुद के कूल रहने पर कहा, ' ईमानदारी से कहूं तो मैं नहीं जानता। मुझे ऐसे बड़े मौके पसंद हैं। मैं हमेशा अपने आप से और टीम में अपने साथियों से कहता हूं कि अवसर जितना बड़ा होता है, आपको उतना ही शांत रहने की जरूरत होती है और इससे आपको बड़े परिणाम मिलते हैं। यह मैच इसका एक सही उदाहरण था जहां मैं खूब पसीना बहाने के बजाय खुद को ठंडा रखने पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रहा था।' 200 रन के बड़े स्कोर को चेज करने को लेकर श्रेयस ने कहा, 'सभी खिलाड़ियों को सकारात्मक मानसिकता के साथ खेलने और इंटेंट दिखाने की आवश्यकता होती है। हालांकि, इस मैच में जो शुरुआत मिली हमारे कुछ खिलाड़ी उसका उतना फायदा नहीं उठा पाए, लेकिन इंटेंट दिखा। मुझे भी जमने के लिए कुछ समय लेना पड़ा। दूसरे छोर से बल्लेबाज काफी अच्छी स्ट्राइक कर रहे थे। मुझे पता है कि मैं मैदान पर जितना अधिक समय बिताता हूं, उतना ही बेहतर होता जाता है और मेरा दृष्टिकोण भी बेहतर होता जाता है।'
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श्रेयस अय्यर
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आरसीबी से क्वालिफायर-एक में मिली हार को लेकर श्रेयस ने कहा, 'मैं पुरानी चीजों को कुड़ेदान में फेंकने में विश्वास रखता हूं। इस बारे में ज्यादा नहीं सोचता हूं कि हम कहां गलत हो गए क्योंकि पूरे सीजन में हमने शानदार खेल दिखाया है। पहले मैच से ही हम सकारात्मकता के साथ खेल रहे हैं। एक मैच हमें एक टीम के रूप में परिभाषित नहीं कर सकता।' उन्होंने अनकैप्ड खिलाड़ियों से अपनी बातचीत को लेकर कहा, 'मैं बस उन्हें अपने स्टाइल में खेलने कहता हूं। मैं उनसे बहुत ज्यादा नहीं पूछता, मुझे निडर स्वभाव पसंद है, जैसा कि हमारे खिलाड़ी खेल रहे हैं। उनके पास हर परिस्थिति से निपटने के लिए एक खास रणनीति होती है। भले ही उनके पास इतना अनुभव नहीं है, लेकिन वे सभी बहादुर हैं। ऐसे बड़े अवसरों पर यह महत्वपूर्ण है कि वे अधिक अनुभव हासिल करें।'
क्या नीलामी से पहले किसी खास टीम के बारे में सोचा था? यह पूछे जाने पर श्रेयस ने कहा, 'मैं यह नहीं सोच रहा था कि मैं कहां जा रहा हूं। मैं सिर्फ एक अच्छे माहौल में रहना चाहता था। मैं जहां जा रहा हूं, उससे ज्यादा महत्वपूर्ण मेरी दिमाग की शांति है। मैं इस टीम में प्रबंधन के साथ बहुत सहज हूं और मेरे आस-पास के सभी लोगों ने मुझे बहुत सहज महसूस कराया है। माहौल हमेशा सकारात्मक होता है।' फाइनल से पहले आरसीबी को चेतावनी देते हुए श्रेयस ने कहा, 'मैं अभी बस इस पल में रह रहा हूं। मैं इस पल को संजोना चाहता हूं। ड्रेसिंग रूम में जाना चाहता हूं और अपनी टीम के साथ जश्न मनाना चाहता हूं कि हम फाइनल में पहुंच गए हैं। लेकिन मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि अभी आधा काम हुआ है। इसलिए फाइनल के बारे में ज्यादा दबाव नहीं लेना चाहता। बस इस पल में रहना चाहता हूं, आराम करना चाहता हूं और फाइनल से पहले मालिश कराना चाहता हूं और एक अच्छी मानसिकता के साथ खिताबी मुकाबले में उतरना चाहता हूं।'