NITISH RANA
राणा की जिंदगी का वह यादगार क्षण था जब उन्होंने दिल्ली में गंभीर की मौजूदगी वाली टीम की कप्तानी की, क्योंकि वह भारतीय सलामी बल्लेबाज को देखते हुए ही आगे बढ़े थे।
उन्होंने कहा, ‘हर कोई कहता था कि मैं क्रिकेटरों के एक्शन की अच्छी नकल करता हूं। इसलिए सभी कहते थे कि दादा (सौरव गांगुली) की तरह एक्शन करो। इसलिए मैं शुरू में उनकी तरह खेला करता था। लेकिन जब मैं क्रिकेट को गंभीरता से लेना लगा तो वह गौतम गंभीर थे, क्योंकि मैंने उन्हें क्लब में करीब से बल्लेबाजी करते हुए देखा था। मैंने उन्हें बल्लेबाजी करते हुए देखकर काफी कुछ सीखा।’