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आलोचकों को पुजारा का मुंह तोड़ जवाब, धीमी बल्लेबाजी पर दिया जवाब दिल जीत लेगा

Sun, 31 Jan 2021 04:29 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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चेतेश्वर पुजारा - फोटो : सोशल मीडिया
अपनी धीमी बल्लेबाजी से अक्सर आलोचनाओँ का शिकार होने वाले चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि कई बार गेंदों का सामना करना रन बनाने से अधिक मायने रखता है। इस दिग्गज भारतीय बल्लेबाज ने हाल के ऑस्ट्रेलियाई दौरे में यही सब कुछ किया। पुजारा का मानना है कि स्ट्राइक रेट की चर्चा को कुछ जरूरत से ज्यादा महत्व दिया जाता है।
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शीर्ष क्रम के इस बल्लेबाज ने दो साल पहले ऑस्ट्रेलिया में अधिक रन (521 रन, 41.41 की स्ट्राइक रेट से) बनाए, लेकिन विपरीत हालातों में हाल के दौरे के अपने प्रदर्शन (271 रन, 29.20 की स्ट्राइक रेट) को भी वह समान रूप से महत्वपूर्ण मानते हैं। पुजारा ने इंग्लैंड के खिलाफ आगामी श्रृंखला में बायो बबल में जाने से पहले पीटीआई से कहा, 'दोनों दौरे टीम के लिए शानदार रहे और निजी तौर पर मैंने दोनों दौरों में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन परिस्थितियां पूरी तरह से भिन्न थी। मैंने लगभग आठ महीने बाद (कोविड-19 के कारण) वापसी की। इस बीच कोई प्रथम श्रेणी मैच भी नहीं हुआ।'
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यह 31 वर्षीय बल्लेबाज श्रृंखला के दौरान चट्टान की तरह क्रीज पर खड़ा रहा विशेषकर ब्रिसबेन में अंतिम टेस्ट मैच में जहां उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण का डटकर सामना किया और कई गेंदें शरीर पर भी झेली। पुजारा ने कहा, 'तैयारियों के लिहाज से यह आसान नहीं था और ऑस्ट्रेलियाई टीम हमारे में से प्रत्येक के लिए रणनीति के साथ उतरी थी। लय हासिल करने में थोड़ा समय लगा, लेकिन सौभाग्य से आखिर में सब कुछ सकारात्मक रहा।'

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चेतेश्वर पुजारा - फोटो : twitter@BCCI
भारत की तरफ से अब तक 81 टेस्ट मैच खेलने वाले पुजारा ने कहा कि दो साल पहले खेली गई 1258 गेंदों की तुलना में इस बार उन्होंने जिन 928 गेंदों का सामना किया वह चुनौतीपूर्ण तेज गेंदबाजी आक्रमण, पिचों की प्रकृति और भारतीय टीम के कई खिलाड़ियों के चोटिल होने के कारण अधिक मायने रखती है। पुजारा ने कहा, 'दोनों दौरों की तुलना करना बहुत मुश्किल है, लेकिन यह दौरा विशेष था क्योंकि हमारी टीम कमजोर थी और कई युवा खिलाड़ी खेल रहे थे। वैसे मैं ऐसा नहीं कहूंगा कि केवल यही सर्वश्रेष्ठ श्रृंखला थी जिसका मैं हिस्सा रहा हूं।'
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टीममेट्स के साथ पुजारा - फोटो : ट्विटर
पुजारा का स्ट्राइक रेट अक्सर चर्चा का विषय बना रहता है क्योंकि वह एक तरफ से पैट कमिंस, जोश हेजलवुड और मिचेल स्टार्क जैसे गेंदबाजों को पस्त करके दूसरे छोर के बल्लेबाजों के लिए काम आसान करते रहे। प्रत्येक बल्लेबाज की अपनी भूमिका होती है। टीम प्रबंधन इसे अच्छी तरह से समझता है। चाहे वह रवि (शास्त्री, मुख्य कोच) भाई हो या विक्की (विक्रम राठौड़, बल्लेबाजी कोच) भाई या अजिंक्य (रहाणे), उन्होंने मुझसे उसी तरह से बल्लेबाजी करने के लिए कहा जैसी मैं करता हूं।'
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