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25/06: टीम इंडिया की स्वर्णिम सफलताओं से भरा एक सुनहरा पन्ना

Sat, 25 Jun 2016 09:57 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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1983 world cup - फोटो : Getty
भारतीय क्रिकेट के लिए आज का दिन स्वर्णिम सफलताओं से भरे ढेरों अध्याय में से एक सुनहरा पन्ना है जिसे याद कर भारतीय टीम का हर क्रिकेटप्रेमी जोश से उत्साहित हो जाता है। इस ऐतिहासिक पल को 33 साल हो चुके हैं लेकिन चमक अभी भी बरकरार है।
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25/06: टीम इंडिया की स्वर्णिम सफलताओं से भरा एक सुनहरा पन्ना

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1983 world cup - फोटो : Getty
आज से साढ़े तीन दशक पहले क्रिकेट जगत में भारत को बड़ी टीम के रूप में नहीं आंका जाता था। लेकिन 1983 में वेस्टइंडीज जैसी अजेय क‌ही जाने वाली टीम को हराकर भारत ने वर्ल्ड चैँपियन बनने के साथ ही अपनी ऐसी धमक दिखाई जो फिर कभी खत्म नहीं हुई। इसके बाद से ही टीम इंडिया तेजी से बड़ी टीम बनती चली गई और क्रिकेट को देश का सबसे लोकप्रिय खेल भी बना दिया।
 
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1983 world cup - फोटो : Getty
आज से ठीक 33 साल पहले 25 जून, 1983 को इंग्लैंड के लॉड्र्स में वर्ल्ड चैँपियन बनने के लिए भारत को वेस्टइंडीज को हराना था। लेकिन कैरेबियाई टीम को फाइनल में हराना आसान नहीं था। यह टीम उस समय की सबसे मजबूत टीम थी साथ ही पिछले दो संस्करणों से यह खिताब जीतती आ रही थी।

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1983 world cup - फोटो : Getty
फाइनल मैच में पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिलने के बाद 60 ओवर के मुकाबले में टीम इंडिया 183 रन बनाकर आउट हो गई। उसकी ओर से ओपनर कृष्‍णमचारी श्रीकांत ने सबसे ज्यादा 38 रन बनाए। जबकि कीर्ति आजाद ‌ही ऐसे बल्‍लेबाज रहे जो खाता भी नहीं खोल सके।
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1983 world cup - फोटो : Getty
भारत से मिले 184 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज के लिए यह लक्ष्य आसान माना जा रहा था क्योंकि 60 ओवर में 184 रन ज्यादा नहीं थे। उसकी शुरुआत भी अच्छी रही क्योंकि टीम का स्कोर एक विकेट पर 50 रन था और अब उसे 140 से भी कम रन बनाने थे।
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1983 world cup - फोटो : Getty
भारत के सामने सबसे बड़ा रोड़ा थे कप्तान विव‌ियन रिचर्ड्स जो 28 गेंदों में 7 चौके की मदद से 33 रन बना चुके थे और उन्हें आउट करना भारतीय गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती की तरह था।
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1983 world cup - फोटो : Getty
लेकिन इस बीच मदन लाल ने विवियन रिचर्ड्स को कपिल देव के हाथों कैच आउट कराकर भारत को बड़ी सफलता दिला दी। 50 पर एक और अब 57 पर उसके 3 विकेट गिर चुके थे। झटकों का दौर अभी विंडीज टीम के लिए खत्म नहीं हुआ था क्योंकि 76 तक पहुंचते-पहुंचते उसके 6 बल्‍लेबाज पवेलियन लौट गए।

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1983 world cup - फोटो : Getty
भारतीय गेंदबाजों ने विंडीज टीम पर अपनी पकड़ मजबूत बना ली थी और बीच-बीच में विकेट झटकते रहे। पूरी टीम 52 ओवर में 140 रन बनाकर आउट हो गई। 52वें ओवर में माइकल होल्डिंग के आउट होने के साथ ही भारतीय खिलाड़ियों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया क्योंकि अब वह वर्ल्ड चैंपियन बन गए थे।
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1983 world cup - फोटो : Getty
भारत की इस ऐतिहासिक जीत ने वेस्टइंडीज के क्रिकेट पर वर्चस्व को खत्म कर दिया। क्रिकेट पटल पर एक नया चैंपियन जन्म ले चुका था। भारत ने यह मैच 43 रनों से जीत लिया। 26 रन और 12 रन देकर 3 विकेट लेने वाले मोहिंदर अमरनाथ को मैन ऑफ द फाइनल चुना गया।
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