टीम इंडिया दूसरा वन-डे भी आसानी से जीतने वाली थी, लेकिन अकिला धनंजय ने मैच में रोमांच पैदा कर दिया। उन्होंने 2008 एशिया कप में अजंथा मेंडिस के कारनामे को दोहराते हुए टीम इंडिया के बल्लेबाजों को अपनी फिरकी में उलझाया और संघर्ष के लिए मजबूर किया। नए रहस्यमयी स्पिनर ने भारतीय मध्यक्रम की बखिया उधेड़ के रख दी और अपनी गूगली के कमाल से जल्दी-जल्दी पांच विकेट चटकाए। टीम इंडिया एक समय बिना किसी नुकसान के 109 रन बनाकर खेल रही थी, लेकिन अचानक की उसका स्कोर 131 रन पर 7 विकेट हो गया।
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विराट कोहली
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इसके बाद वर्ल्ड के बेस्ट फिनिशर की उपाधि प्राप्त करने वाले एमएस धोनी ने भुवनेश्वर कुमार के साथ टीम इंडिया को जीत दिलाई। भुवी ने अपने वन-डे करियर का पहला अर्धशतक जमाया जबकि धोनी 45 रन बनाकर नाबाद रहे। टीम इंडिया ने तीन विकेट से मैच जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़त बनाई। इस मैच में पांच मौके ऐसे खास रहे, जिसकी मदद से टीम इंडिया जीत दर्ज करने में कामयाब रही। आईए नजर डालते हैं:
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बुमराह की धीमी गेंदे श्रीलंका के लिए बनी मुसीबत
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जसप्रीत बुमराह
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जसप्रीत बुमराह ने टीम इंडिया में एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने टीम इंडिया को मैच में पहली सफलता दिलाई और इसके बाद स्लॉग ओवर्स में कमाल की गेंदबाजी करते हुए मेजबान टीम को बैकफुट पर धकेला। बुमराह ने सबसे पहले श्रीलंकाई विकेटकीपर बल्लेबाज निरोशन डिकवेला को अपना शिकार बनाया। इसके बाद उन्होंने श्रीलंका के सर्वश्रेष्ठ स्कोरर रहे मिलिंडा सिरिवर्दना को अपना दूसरा शिकार बनाया। इसके बाद उन्होंने यॉर्क पर चमारा कपूगेदरा को बोल्ड किया और फिर अकिला धनंजय को आउट किया।
धोनी ने साबित किया अपना मैच फिनिशर वाला टैग
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एमएस धोनी
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एमएस धोनी ने एक बार फिर वही काम किया, जिसके लिए वो जाने जाते हैं। उन्होंने टीम इंडिया को बेहद मुश्किल परिस्थिति से उबारते हुए जीत दिलाई। धोनी ने समझदारी का परिचय देते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों का डटकर सामना किया और 45 रन की उम्दा पारी खेली। उनकी पारी की सबसे खास बात यह रही कि धोनी ने अपने साथी भुवनेश्वर कुमार को वन-डे करियर का पहला अर्धशतक पूरा करने दिया। धोनी ने शानदार पारी खेलकर अपने आलोचकों को भी करारा जवाब दिया। धोनी ने 68 गेंदों में महज एक बाउंड्री जमाकर नाबाद मैच विजयी 45 रन बनाए।
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भुवी ने मैच बनाया स्पेशल, अपने वन-डे करियर की पहली फिफ्टी जमाई
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भुवनेश्वर कुमार
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भुवनेश्वर कुमार को टीम इंडिया में बतौर तेज गेंदबाज जगह मिली है, लेकिन दूसरे वन-डे में विकेट लेने में नाकाम भुवी ने इसकी भरपाई शानदार बल्लेबाजी करके पूरी की। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने 80 गेंदों में 4 चौको और एक छक्के की मदद से अपने वन-डे करियर का पहली फिफ्टी जमाई। भुवी ने धोनी के साथ शतकीय साझेदारी करके टीम इंडिया को जीत दिलाई। भुवी के पचासे से टीम इंडिया की बल्लेबाजी की गहराई निकलकर सामने आई। धोनी-भुवी अगर क्रीज पर नहीं टिकते तो मैच का परिणाम श्रीलंका के पक्ष में जा सकता था क्योंकि मेजबान टीम के अकिला धनंजय ने 6 विकेट लेकर मैच का रुख बदल दिया था।
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रोहित-धवन की दमदार शुरुआत
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चैंपियंस ट्रॉफी: इस मामले में टॉप पर पहुंची रोहित-धवन की जोड़ी
- फोटो : International Cricket Council
श्रीलंका द्वारा मिले 231 रन के संशोधित लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने शानदार शुरुआत की। ओपनर्स शिखर धवन (49) और रोहित शर्मा (54) ने 109 रन की साझेदारी करके श्रीलंका को मैच से लगभग बाहर करा दिया था। धवन आसानी से श्रीलंकाई गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा रहे थे तो रोहित भी पुरानी लय में नजर आ रहे थे। इन दोनों बल्लेबाजों ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाते हुए टीम को बेहतरीन शुरुआत दिलाई, जिसकी मदद से खराब स्थिति में होने के बावजूद टीम इंडिया के पास लक्ष्य हासिल करने के लिए पर्याप्त ओवर मौजूद थे। धवन और रोहित से आगे भी इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद टीम इंडिया को रहेगी।
रोहित शर्मा श्रीलंकाई जमीन पर पिछली सात पारियों से असफल रहे थे। मगर दूसरे वन-डे में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए अपने वन-डे करियर का सबसे तेज अर्धशतक जमाया। रोहित के आक्रामक तेवर टीम इंडिया के लिए शुभ संकेत हैं क्योंकि सीमित ओवर प्रारूप में वो टीम के महत्वपूर्ण बल्लेबाज हैं। रोहित ने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए। उन्होंने सिर्फ 45 गेंदों में 5 चौको और तीन छक्को की मदद से अपने वन-डे करियर का 32वां अर्धशतक जमाया।