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कीवियों ने पकड़ी पृथ्वी शॉ की कमजोरी, बदले में विराट ने अपनाई 'देखो और इंतजार करो' की रणनीति

Wed, 26 Feb 2020 12:09 PM IST
Rohit Ojha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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पृथ्वी शॉ-विराट कोहली - फोटो : सोशल मीडिया
ट्रेंट बोल्ट और टिम साउदी ने पृथ्वी शॉ की कमजोरियों को उजागर कर दिया, लेकिन भारतीय कप्तान विराट कोहली उनकी तकनीक में किसी भी तरह के सुधार करने के प्रयास से पहले ‘देखो और इंतजार करो’ की नीति अपनाने के लिए तैयार हैं। क्योंकि उन्हें इस युवा सलामी बल्लेबाज के आउट होने में एक जैसा तरीका नजर नहीं आया।  20 वर्षीय शॉ न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंग्टन टेस्ट मैच में 16 और 14 रन ही बना पाए और विशेषज्ञों को उनकी बल्लेबाजी में कुछ कमजोरियां नजर आईं। 
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prithvi shaw virat kohli
खराब बल्लेबाजी के कारण भारत ने यह मैच दस विकेट से गंवाया था। कोहली ने पहले टेस्ट मैच की समाप्ति के बाद शॉ के आउट होने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि मेरा मानना है कि उसके आठ या दस बार इसी तरह से आउट होने के बाद हम बैठकर इस पर विश्लेषण कर सकते हैं। मुझे नहीं लगता कि यह ऐसे खिलाड़ी के साथ न्याय होगा जो पहली बार विदेशी सरजमीं पर खेल रहा है और घरेलू धरती पर खेलने की तुलना में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग तरह के गेंदबाजी आक्रमण का सामना कर रहा हो।
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prithvi shaw
विराट ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि इस स्तर पर हमें इस बारे में चर्चा करने की जरूरत है कि क्या गलत हुआ, क्योंकि मुझे कुछ भी गलत नजर नहीं आया। वह केवल चीजों पर सही तरह से अमल नहीं कर पाया था। भारत के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों में शॉ की बैकलिफ्ट सबसे बड़ी है और जब भी न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने शार्ट पिच गेंदें कीं, तब उन्हें परेशानी हुई। 
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पृथ्वी शॉ
स्कॉट कुगलीन ने हैमिल्टन में अभ्यास मैच की पहली पारी में यही रणनीति अपनाई जबकि वेलिंगटन टेस्ट की दूसरी पारी में बोल्ट ने इसका सफलतापूर्वक उपयोग किया। कोहली ने अपने जूनियर साथी के बारे में कहा कि एक बल्लेबाज के तौर पर मेरा मानना है कि जब तक आप एक ही गलती सात या आठ बार नहीं दोहराते तब आपको इसको लेकर बहुत अधिक चिंता करने की जरूरत नहीं है।
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