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IND vs ENG: 'शार्दुल नहीं, कुलदीप को खिलाना चाहते थे गिल, पर...', सुनील गावस्कर का कोच गंभीर पर निशाना? जानें

Sun, 27 Jul 2025 02:01 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मैनचेस्टर

सार

गावस्कर ने सोनी स्पोर्ट्स पर कहा, 'आखिरकार, यह कप्तान की टीम होती है। हो सकता है कि शुभमन शार्दुल को टीम में नहीं चाहते थे और कुलदीप को चाहते थे।'
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कुलदीप, गिल और शार्दुल - फोटो : ANI/PTI
महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर का मानना है कि शुभमन गिल को प्लेइंग-11 में चुनने में शायद अंतिम फैसला लेने का अधिकार नहीं था। उनका कहना है कि यह फैसला पूरी तरह से कप्तान का होना चाहिए और मुख्य कोच सहित किसी और का इस पर प्रभाव नहीं होना चाहिए। बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव को लगातार टीम में नहीं चुने जाने पर तीखी बहस छिड़ गई है, विशेषकर जो रूट के मौजूदा चौथे टेस्ट में रिकॉर्ड शतक के बाद जहां वह रिकी पोंटिंग को पीछे छोड़ते हुए टेस्ट क्रिकेट में दूसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए। रूट के नाम अब 13,409 रन हैं और केवल सचिन तेंदुलकर (15,291 रन) उनसे आगे हैं।
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गावस्कर और गंभीर - फोटो : PTI
गावस्कर ने सोनी स्पोर्ट्स पर कहा, 'आखिरकार, यह कप्तान की टीम होती है। हो सकता है कि शुभमन शार्दुल को टीम में नहीं चाहते थे और कुलदीप को चाहते थे।' रूट को 2018 में मैनचेस्टर और लॉर्ड्स में दो सीमित ओवरों के मैच तीन गेंद पर दो बार आउट करने के बावजूद कुलदीप अब तक पूरी टेस्ट सीरीज में बेंच पर बैठे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि मुख्य कोच गौतम गंभीर ने ऐसे गेंदबाजों पर जोर दिया है जो बल्ले से योगदान दे सकें, विशेषकर हेडिंग्ले टेस्ट में भारत के तीन विकेट पर 430 रन बनाने के बावजूद अगले 11 ओवर में 471 पर ऑल आउट होने के बाद।
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सुनील गावस्कर - फोटो : ANI
गावस्कर का मानना था कि कुलदीप को प्लेइंग-11 का हिस्सा होना चाहिए था। उन्होंने कहा, 'गिल को कुलदीप को टीम में खिलाना चाहिए था। वह कप्तान हैं। लोग उनके और उनकी कप्तानी के बारे में बात करेंगे। इसलिए यह फैसला असल में उनका ही होना चाहिए।' पूर्व भारतीय कप्तान का यह भी मानना था कि आंतरिक मतभेदों या चयन के मुद्दों को जानबूझकर छुपाया जा सकता है जिससे यह दिखाया जा सके कि ड्रेसिंग रूम में सब कुछ ठीक है।

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कुलदीप यादव और शार्दुल ठाकुर - फोटो : BCCI/PTI
गावस्कर ने कहा, 'मुझे पता है कि सब कुछ ठीक-ठाक दिखाने के लिए ये बातें शायद सामने न आएं। सच तो यह है कि कप्तान जिम्मेदार है। वही प्लेइंग-11 का नेतृत्व करेगा। यह सामान्य सी बात है।' गावस्कर ने कहा कि उनके कप्तानी कार्यकाल में चीजें अलग तरह से होती थीं, जब टीम का चयन पूरी तरह से कप्तान का विशेषाधिकार होता था और कोच की अवधारणा ही नहीं थी क्योंकि सब कुछ मैनेजर और सहायक मैनेजरों के बारे में था।
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शुभमन गिल - फोटो : PTI
उन्होंने कहा, 'हमारे पास कोच नहीं थे। हमारे पास सिर्फ पूर्व खिलाड़ी ही टीम के मैनेजर या सहायक मैनेजर हुआ करते थे। वे ऐसे लोग थे जिनके पास जाकर आप बात कर सकते थे, वे आपको लंच के समय, दिन के खेल के अंत में या मैच की पूर्व संध्या पर सलाह देते थे।' गावस्कर ने कहा, 'इसलिए मेरे लिए कप्तान और कोच के संयोजन को समझना मुश्किल है। जब मैं कप्तान था तब हमारे पास कोई भी पूर्व खिलाड़ी नहीं था।'
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शार्दुल-जडेजा - फोटो : PTI
भारत ने अब तक शुरुआती और मौजूदा चौथे टेस्ट में तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर शार्दुल को चुना है जबकि दूसरे और तीसरे मैच में नीतीश रेड्डी प्लेइंग-11 का हिस्सा थे। हालांकि इनका गेंदबाजी योगदान न्यूनतम रहा है। शार्दुल ने तीन पारियों में सिर्फ 27 ओवर फेंके हैं और दो विकेट लिए हैं जबकि रेड्डी ने दो मैच में 28 ओवर फेंके हैं और दो विकेट चटकाए। शार्दुल ने एक, चार और 41 रन बनाए हैं, जबकि रेड्डी ने एक, एक, 30 और 13 रन की पारियां खेलीं।
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