नीतीश शुरुआती दिनों में इस खेल के प्रति गंभीर नहीं थे, लेकिन एक दिन उन्होंने आर्थिक तंगी से जूझ रहे अपने पिता की आंखों में आंसू देखे। बस इसके बाद उन्होंने कुछ करने की ठानते हुए इस खेल को अपना लिया।
भारत के 21 साल के युवा ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी ने पर्थ टेस्ट के बाद एडिलेड में भी अपने प्रदर्शन से छाप छोड़ी है। एडिलेड डे नाइट टेस्ट में 141 रन पर आठ विकेट गंवा चुके भारत को उन्होंने 180 रन तक पहुंचने में मदद की। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने गुलाबी गेंद से कहर बरपाया, लेकिन नीतीश इससे नहीं डरे और शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 54 गेंद में तीन चौके और तीन छक्के की मदद से 42 रन की पारी खेली।
नीतीश शुरुआती दिनों में इस खेल के प्रति गंभीर नहीं थे, लेकिन एक दिन उन्होंने आर्थिक तंगी से जूझ रहे अपने पिता की आंखों में आंसू देखे। बस इसके बाद उन्होंने कुछ करने की ठानते हुए इस खेल को अपना लिया। उन्होंने क्रिकेटर बनने के लिए खूब मेहनत की। उनकी यह मेहनत आईपीएल में रंग लाई और उन्हें पर्थ में भारत के लिए पहला टेस्ट खेलने का मौका मिला। नीतीश ने पर्थ में 41 और 38 रन की पारियां खेलीं और एक विकेट भी लिया।
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नीतीश रेड्डी
- फोटो : IPL/BCCI/Social Media
पिता ने मेरे लिए नौकरी छोड़ दी
बीसीसीआई की ओर से जारी वीडियो में नीतीश बताते हैं, 'अगर ईमानदारी से कहूं तो जब वह छोटे थे तो क्रिकेट के प्रति गंभीर नहीं थे। पिता ने मेरे लिए अपनी नौकरी छोड़ दी। मेरी सफलता के पीछे उनका बहुत बड़ा त्याग छुपा है। हम लोग उस दौरान आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। मुझे लगा, मैं ऐसा नहीं हो सकता हूं, मेरे पिता त्याग कर रहे हैं और मैं सिर्फ मजे के लिए क्रिकेट खेल रहा हूं। उस समय मैं क्रिकेट के प्रति गंभीर हुआ और खूब मेहनत की। इसके बाद मैं सफलता की सीढि़यां चढ़ता गया। एक मध्यम वर्गीय परिवार से होने के नाते, मुझे गर्व है कि मैं अपने पिता को खुश कर पाया। मैंने जब अपनी पहली जर्सी अपने पिता को दी तो उनके चेहरे पर खुशी देखते बनती थी।'
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नीतीश-विराट
- फोटो : X
विराट के साथ खेलने के लिए उम्र की गणना करता था
2018 में नीतीश ने बीसीसीआई अवॉर्ड नाइट के दौरान विराट और उनकी पत्नी अनुष्का के साथ सेल्फी ली थी। नीतीश बताते हैं कि मैं बचपन से विराट भइया का बड़ा प्रशंसक हूं। मैं उनका हर मैच देखता था। मुझे उनका शतक के बाद जश्न मनाने का अंदाज पसंद था। उस दौरान मैं अपनी उम्र की गणना करता था कि जब मैं भारत के लिए खेलूंगा तो वह कहीं संन्यास तो नहीं ले लेंगे। आज मैं उनके साथ खेल रहा हूं। पर्थ में उनके साथ साझेदारी के दौरान मैं यही सोच रहा था कि वह अब शतक से 10 रन दूर हैं, अब पांच रन दूर हैं। मुझे अपने पहले अर्धशतक का ख्याल तक नहीं था।'
एडिलेड टेस्ट में क्या हुआ?
टीम इंडिया की शुरुआत खराब रही थी। यशस्वी मैच की पहली ही गेंद पर एल्बीडब्ल्यू आउट हो गए थे। वह खाता नहीं खोल सके। इसके बाद केएल राहुल और शुभमन गिल के बीच दूसरे विकेट के लिए 69 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी को स्टार्क ने तोड़ा। उन्होंने राहुल को पवेलियन भेजा। राहुल 37 रन बना सके। उनके आउट होते ही विकेट की झड़ी लग गई। विराट कोहली सात रन, शुभमन गिल 31 रन और कप्तान रोहित शर्मा तीन रन बनाकर आउट हुए। जहां भारत का स्कोर एक वक्त एक विकेट पर 69 रन था, वो कुछ देर बाद पांच विकेट पर 87 रन हो चुका था। यानी 18 रन बनाने में भारत ने चार और विकेट गंवा दिए थे।
इसके बाद ऋषभ पंत ने टिकने की कोशिश की, लेकिन कमिंस ने उन्हें भी पवेलियन भेज दिया। पंत ने 21 रन बनाए। अश्विन ने नीतीश रेड्डी के साथ पारी संभालने की कोशिश की और सातवें विकेट के लिए 32 रन की साझेदारी निभाई। स्टार्क ने फिर एकबार खलल डाला और अश्विन को चलता किया। वह 22 रन बना सके। हर्षित राणा और जसप्रीत बुमराह खाता खोले बिना आउट हुए। नीतीश आखिरी विकेट के रूप में 54 गेंद में तीन चौके और तीन छक्के की मदद से 42 रन बनाकर स्टार्क के छठे शिकार बने। स्टार्क के अलावा पैट कमिंस और बोलैंड को दो-दो विकेट मिले।