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स्टार बनते ही हार्दिक ने कोच को गिफ्ट की कार, विराट भी दे चुके हैं 'गुरु दक्षिणा'

Mon, 20 Aug 2018 11:40 PM IST
भाषा, मुम्बई
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हार्दिक पांड्या
टैटू, कानों के डायमंड स्टड और आलोचकों के प्रति बेपरवाही कुछ ऐसी चीजें हैं, जो विराट कोहली और हार्दिक पंड्या के व्यक्तित्व में समान हैं, लेकिन इसके अलावा दोनों में एक समानता और है जो उनके बचपन के कोच के साथ उनका जुड़ाव है।
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विरा - फोटो : file photo
कुछ साल पहले विराट के बड़े भाई विकास उनके बचपन के कोच राजकुमार शर्मा के घर गए और उन्हें एक चमचमाती होंडा सिटी कार की चाभी सौंपी। इसके बाद विकास ने अपने छोटे भाई की कोच से बात कराई और विराट ने कोच को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। विराट से इस तरह का स्नेह पाकर कोच राजकुमार भावविभोर हो गए।
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hardik pandya
इसी तरह 2016 में हार्दिक ऑस्ट्रेलिया के अपने पहले दौरे से लौटने के बाद अपनी अकादमी गए। अकादमी में वह अपने कोच जितेंद्र सिंह से मिले और उन्हें सीधा कार के एक शोरूम ले गए और उन्हें एक नयी कार भेंट की।

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हार्दिक पांड्या - फोटो : file photo
जितेंद्र ने उस दिन को याद करते हुए कहा, 'हार्दिक ऑस्ट्रेलिया के दौरे के बाद मुझसे मिलने आया था। उसे तब पहली बार भारतीय टीम में लिया गया था। वह मुझे कार के एक शोरूम ले गया, जहां उसने और क्रुणाल (हार्दिक के बड़े भाई) ने मुझे एक कार भेंट की।' 
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कृणाल और हार्दिक पांड्या - फोटो : file photo
बचपन में नटखट स्वभाव के रहे हार्दिक और बड़े भाई क्रुणाल ने भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर किरण मोरे की अकादमी में प्रशिक्षण लिया था। हार्दिक के पिता हिमांशु ने पीटीआई से आज कहा, 'मैं मूल रूप से सूरत का रहने वाला हूं। लेकिन बड़ौदा में क्रिकेट से जुड़ी सुविधा बेहतर होने के कारण मैंने अपने परिवार के साथ वहां जाकर रहने का फैसला किया क्योंकि हम तब क्रुणाल के क्रिकेट के बारे में सोच रहे थे। क्रुणाल ने किरण मोरे की अकादमी में प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया और सात साल का हार्दिक उसके साथ अकादमी जाने लेगा। किरण सर (मोरे) ने उससे अपनी अकादमी में आने के लिए कहा और मेरे बच्चों से कोचिंग का शुल्क भी नहीं लिया।'
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हार्दिक पांड्या - फोटो : file photo
कोच जितेंद्र ने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा, 'एक बार अंडर-19 के एक मैच में हमारी टीम में केवल एक ही तेज गेंदबाज था क्योंकि बाकी सभी बड़ौदा के लिए रणजी और अंडर-23 टूर्नामेंट में खेल रहे थे। हार्दिक लेग स्पिनर था। मैंने हार्दिक से नयी गेंद से चमक खत्म करने के लिए लक्ष्य बनाकर गेंद डालने को कहा।'
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हार्दिक पांड्या - फोटो : file photo
उन्होंने कहा, 'हार्दिक ने एक पारी में पांच विकेट लिए। वह दूसरे छोर से गेंदबाजी कर रहे तेज गेंदबाज से भी ज्यादा असरदार साबित हुआ। सनत कुमार सर ने भी उस दौरान हर्दिक को देखा और उसे तेज गेंदबाजी ही करने की सलाह दी।उसी सत्र में हार्दिक को बड़ौदा के लिए टी-20 में खेलने का मौका मिला जहां उसने शानदार प्रदर्शन किया और फिर कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा।'
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