कभी आत्महत्या का ख्याल तो कभी हाउस लोन का दबाव, कभी घर की तंगहाली तो कभी मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न, इसके बावजूद इन सबसे उबरते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में छाप छोड़ जाना। ऐसा शायद सुरेश रैना ही कर सकते थे और उन्होंने इसे किया भी। धोनी के साथ ही इसी साल 15 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले रैना आज 34 साल के हो गए और परिवार के साथ मालदीव में समय बिता रहे हैं।