टीम इंडिया की जर्सी के साथ लंबे समय से जुड़ी नाइकी ने टीम इंडिया के कई खिलाड़ियों के साथ अपने समझौते को खत्म कर लिया है। खबरों के अनुसार विश्व की सबसे बड़ी खेल उत्पाद निर्माता कंपनी बेहद खराब दौर से गुजर रही है। इस वजह से टीम इंडिया के अधिकांश खिलाड़ी आजकल बिना किसी लोगो के खेलते दिखाई दे रहे हैं।
भारत की तकरीबन आधी क्रिकेट टीम बिना किसी बैट ऐडवर्टाइजर के खेल रही है। कंपनी ने भारतीय क्रिकेट टीम के अंजिक्य रहाणे, आर अश्विन और रविंद्र जडेजा के साथ अपने करार को रिन्यू नहीं किया है। जिसके बाद टीम के आधे खिलाड़ियों के बल्ले पर कोई स्टीकर नहीं है।
टीम इंडिया के आधे सदस्यों के पास नहीं है स्पॉन्सर, कंपनी न कॉन्ट्रैक्ट नहीं किया रिन्यु
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क्रिकेट बैट
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मनीष पांडे, अक्षर पटेल और उमेश यादव को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए वनडे में बिना किसी लोगो या स्टीकर के बल्ले से खेलते देखा गया था। वहीं केदार जाधव के बैट पर उसे बनाने वाले का लेबल लगा हुआ था। भारत में क्रिकेट बैट का स्पॉन्सर एक महंगी मार्केटिंग एक्सरसाइज है। विराट कोहली और एम एस धोनी जैसे खिलाड़ियों के बल्ले पर किसी भी कंपनी को एक साल के लिए अपना लोगो लगाने के लिए 7 से 10 करोड़ रुपए खर्च करने पड़ते हैं।
नाइकी इंडिया बुरे दौर से गुजर रही है और 2014-15 में उसका घाटा 500 करोड़ से ज्यादा का रहा है। सूत्रों का कहना है कि नाइकी इंडिया की तरफ से मेरठ में बल्ला बनाने वाली किसी कंपनी के पास दो साल से कोई कॉन्ट्रैक्ट नहीं गया है। नाइकी क्रिकेट में पैसा लगाने वाला सबसे बड़ा स्पॉन्सर बना हुआ है। टीम की क्रिकेट किट को कंपनी करीब 60 करोड़ रुपए हर साल बीसीसीआई को दे स्पॉन्सर करती है। हालत यह है कि नाइकी को लॉस कम करने के लिए भारत में 30 प्रतिशत स्टोर्स बंद करने पड़े।