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'विराट' दिल जीत बैठे थे रायुडू, फिर भी चार साल में नहीं सुलझी नंबर-4 की गुत्थी

Fri, 15 Mar 2019 07:47 AM IST
अंशुल तलमले हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला
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अंबाती और विराट
कप्तान विराट कोहली भले ही कहें कि विश्व कप को लेकर भारतीय टीम की संरचना पर कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन बेहद महत्वपूर्ण नंबर चार बल्लेबाजी क्रम टीम मैनेजमेंट के लिए जबरदस्त उलझन बन गया है। विश्व कप टीम के चयन में महज एक माह का समय बचा है पर इस क्रम पर बल्लेबाजी को लेकर अब तक माथापच्ची जारी है। 
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विराट कोहली - फोटो : twitter
सच्चाई यह है कि आस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड में हुए 2015 के विश्व कप के बाद से ही इस क्रम पर कोई बल्लेबाज पक्का नहीं हुआ है। पिछले विश्व कप से लेकर अब तक इस क्रम पर 12 बल्लेबाज खेल चुके हैं लेकिन प्रयोगों का दौर अब तक जारी है। यही नहीं ऑलराउंडरों को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है।
 
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विराट कोहली
फिरोजशाह कोटला पर आस्ट्रेलिया के हाथों श्रृंखला हारने के बाद कप्तान कोहली ने स्पष्ट किया कि सिर्फ एक स्थान को लेकर दिक्कत है बाकी टीम को लेकर स्थिति साफ है। दरअसल यही नंबर चार का बल्लेबाजी क्रम इंग्लैंड की परिस्थितियों में मुख्य भूमिका निभाने वाला है। खुद सचिन तेंदुलकर ने इंग्लैंड में हुए 1999 के विश्व कप में अपने को इस क्रम में आजमाया और ब्रिस्टल में कीनिया के खिलाफ 140 रनों की पारी खेली।

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ambati rayudu
रायुडू ने जीता था कोहली का विश्वास
अक्तूबर 2018 में खेले गए एशिया कप के बाद अंबाती रायुडूने इस क्रम पर कप्तान विराट कोहली का दिल जीता। वही इस क्रम पर तब से लगातार खेलते आ रहे हैं, लेकिन आस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों में 33 रन बनाने के बाद अचानक उनसे सभी का विश्वास उठ गया। जहां रोहित और शिखर धवन को असफल होने के बावजूद लगातार मैचों में आजमाया गया वहीं रायुडूको अंतिम दो वन डे से बाहर कर उन्हें चयन की दौड़ से बाहर करने के संकेत दिए गए हैं। खुद कोहली मोहाली में नंबर चार पर खेलने आए। दिल्ली में ऋषभ पंत को भेजा गया, लेकिन दोनों ही नहीं चले। कोहली का रिकार्ड भी इस स्थान पर अच्छा नहीं है। वह पिछले कुछ सालों में इस स्थान पर चार बार खेले हैं और उन्होंने 30 रन बनाए हैं। वहीं रायुडूने इस स्थान पर 14 पारियां खेलते हुए 42.18 की औसत से 464 रन बनाए हैं। इसके बाद महेंद्र सिंह धोनी का नंबर आता है जिन्होंने 12 पारियों में इस स्थान पर 40.72 की औसत से 448 रन बनाए हैं। रोहित अपनी कप्तानी के दौरान धोनी को इस स्थान पर खिलाने की वकालत कर चुके हैं। 
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रहाणे
सबसे सफल पर योजनाओं से बाहर रहाणे
पिछले चार सालों में इस स्थान पर सबसे सफल अजिंक्य रहाणे रहे हैं, लेकिन वह विश्व कप टीम के चयन की योजनाओं से बाहर हैं। 2017 से बाहर रहाणे इस बात पर हैरानी भी जता चुके हैं कि उन्हें विश्व कप के लिए वन डे टीम की योजनाओं से बाहर रखा गया।

रहाणे का इंग्लैंड में रिकार्ड भी काफी अच्छा है। 2015 विश्क कप के बाद रहाणे ने नंबर चार पर 10 मैचों में 46.66 की औसत से 466 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट भी 92.71 का रहा है जो धोनी (76.84) और रायुडू(85.60) दोनों से अच्छा है।

मनीष पांडे भी इस स्थान पर अच्छा नहीं कर पाए हैं जबकि केदार जाधव ने चार पारियों में 18 रन बनाए हैं। दिनेश कार्तिक ने जरूर नौ पारियों में इस स्थान पर 52.80 की औसत से 264 रन बनाए हैं, लेकिन उनके चयन पर भी संदेह है। खास बात यह है कि अब भारत को विश्व कप से पहले कोई वन डे नहीं खेलना है।

विराट साफ कर चुके हैं कि आईपीएल के प्रदर्शन पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, लेकिन बोर्ड और चयनकर्ताओं को बात समझ में आ गई है कि इस स्थान की उलझन दूर करनी है तो आईपीएल के प्रदर्शन को नजरअंदाज नहीं करना होगा।
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