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वर्ल्ड कप के 44 साल के इतिहास के वो 5 यादगार मैच, जो रहे बेहद खास

Sun, 26 May 2019 12:01 AM IST
Mukesh Jha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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क्रिकेट वर्ल्ड कप - फोटो : अमर उजाला
आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 30 मई से शुरू होगा। इंग्लैंड की मेजबानी में इस साल होने वाले वैश्विक टूर्नामेंट के लिए सभी टीमों ने कमर कस ली है। वर्ल्ड कप के 44 साल के इतिहास में कई रोमांचक मुकाबले देखे हैं गए लेकिन यहां पांच ऐसे यादगार मैचों का जिक्र किया जा रहा है जो किसी ना किसी कारण से बेहद खास रहे। ऑस्ट्रेलिया ने जहां 5 बार इस ट्रॉफी को जीता है तो वहीं, भारत और वेस्ट इंडीज ने 2-2 बार खिताब पर कब्जा किया है। पाकिस्तान और श्रीलंका 1-1 बार चैंपियन रहा है। 
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गैरी गिलमौर - फोटो : file photo
1975 वर्ल्ड कप - गिलमौर का जलवा 

गिलमौर का शानदार प्रदर्शन टूर्नमेंट का मेजबान इंग्लैंड चिर प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व कप सेमीफाइनल से पहले डेनिस लिली और जेफ थॉमसन से मिलने वाली चुनौती से वाकिफ था लेकिन उसे उनके बजाय गैरी गिलमौर की स्विंग गेंदबाजी ने पस्त कर दिया। इस 23 साल के गेंदबाज ने 14 रन देकर 6 विकेट अपने नाम किए जिससे इंग्लैंड की टीम महज 93 रन पर सिमट गई। गिलमौर के प्रदर्शन के बाद हालांकि ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 39 रन पर 6 विकेट खो दिए। इसके बाद क्रिस ओल्ड ने अपने घरेलू मैदान हेडिंग्ले में 3 विकेट चटका दिए। फिर गिलमौर बल्लेबाजी के लिए उतरे। गिलमौर की 28 रन की नाबाद पारी और डग वॉल्टर्स के साथ नाबाद भागीदारी से ऑस्ट्रेलिया फाइनल में पहुंच गया। 
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कपिल देव - फोटो : file photo
1983 वर्ल्ड कप - कपिल का शतक लेकिन नहीं हुआ प्रसारण

जिम्बाब्वे ने डंकन फ्लेचर के हरफनमौला प्रदर्शन के बूते ऑस्ट्रेलिया को हराया था। वह एक और उलटफेर करने की ओर बढ़ रहा था। उसने भारत के 17 रन पर पांच विकेट उखाड़ लिए थे लेकिन भारतीय कप्तान कपिल देव ने 138 गेंद में 175 रन की शानदार पारी खेली लेकिन इस पारी का लुत्फ टनब्रिज वेल्स में नेविल मैदान में मौजूद दर्शक की उठा सके क्योंकि बीबीसी टैक्नीशियन हड़ताल पर थे जिससे इस मैच का टीवी पर प्रसारण नहीं हो पाया था। कपिल की शतकीय पारी से भारत ने 266 रन का स्कोर बनाया जो जिम्बाब्वे के लिए काफी ज्यादा साबित हुआ। कपिल का शतक उनकी शानदार नेतृत्व क्षमता का उदाहरण था क्योंकि एक हफ्ते बाद ही भारत को चैंपियन बना दिया गया। 

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शॉन पोलाक - फोटो : file photo
1999 विश्व कप : ऑस्ट्रेलिया टाई मैच में जीता 

यह शायद विश्व कप का सबसे रोमांचक मैच था, एजबेस्टन में इस सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने 213 रन बनाए जिसमें साउथ अफ्रीका के शॉन पोलाक ने 36 रन देकर 5 विकेट चटकाए थे। जोंटी रोड्स और जैक कैलिस दक्षिण अफ्रीका को जीत की ओर ले जा रहे थे और अंतिम ओवर में उनकी टीम को केवल 9 रन की दरकार थी। फिर एक रन और एक विकेट बचा था। लांस क्लूजनर ने गेंद मिड-ऑफ की ओर भेजा और एक रन के लिए भाग लिए। नॉन-स्ट्राइकर छोर पर खड़े एलेन डोनल्ड ने उनकी आवाज नहीं सुनी और अपना बल्ला गिरा दिया। मार्क वॉ ने गेंद लेकर इसे गेंदबाज डेमियन फ्लेमिंग की ओर फेंक दिया। फ्लेमिंग ने तुंरत ही इसे विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट की ओर फेंक दिया जिन्होंने रन आउट कर दिया। हालांकि मैच टाई रहा, लेकिन ऑस्ट्रेलिया बेहतर नेट रन रेट की बदौलत फाइनल में पहुंच गया। 
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केविन ओब्रायन - फोटो : file photo
2011 विश्व कप : ओब्रायन ने इंग्लैंड को पस्त किया

इंग्लैंड ने आयरलैंड (तब टेस्ट दर्जा प्राप्त नहीं था) के खिलाफ बल्ले से काफी अच्छा प्रदर्शन किया और 7 विकेट पर 327 रन बनाए। वर्ल्ड कप मैच में पहले कभी भी किसी टीम ने इस स्कोर का पीछा नहीं किया था लेकिन बेंगलुरु में केविन ओब्रायन ने विश्व कप इतिहास में सबसे तेज शतक जड़ते हुए आयरलैंड को तीन विकेट से शानदार जीत दिलाई। उन्होंने ऐसा महज 50 गेंद में किया जिसमें 13 चौके और 6 छक्के जड़े थे। ओब्रायन के आने से पहले आयरलैंड की टीम 5 विकेट पर 111 रन पर थी। 
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grant elliott - फोटो : file photo
2015 वर्ल्ड कप : इलियट ने दक्षिण अफ्रीका का दिल तोड़ा

फाफ डु प्लेसिस और एबी डीविलियर्स ने ऑकलैंड सेमीफाइनल में 5 विकेट पर 281 रन बनाए थे लेकिन बारिश के कारण इसे 43-43 ओवर का कर दिया गया। न्यूजीलैंड के लिए आल राउंडर ग्रांट इलियट ने अपनी जिंदगी की बेहतरीन पारी खेली। जोहानसबर्ग में जन्में इलियट 2001 में न्यूजीलैंड में चले गए थे। न्यूजीलैंड को जीत के लिए 5 रन की दरकार थी और उसकी 2 गेंद बची थी जब इलियट ने तेज गेंदबाज डेल स्टेन की गेंद पर मिड-ऑन पर शानदार छक्का जड़कर टीम को जीत दिलाई। यह उनकी नाबाद 84 रन की मैच विजयी पारी का अंतिम शॉट था जिससे न्यूजीलैंड की टीम अपने पहले विश्व कप फाइनल में पहुंची। इससे पहले उसे 6 सेमीफाइनल में हार मिली थी।
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