विराट कोहली
- फोटो : ट्विटर
टेस्ट ने बनाया बेहतर इंसान
कोहली से जब पूछा गया कि कौन सा प्रारूप उनका सबसे पसंदीदा है तो उन्होंने बाकायदा पांच बार टेस्ट प्रारूप का नाम लिया। टेस्ट क्रिकेट के 86 मैचों में 27 शतकों सहित 7240 रन बनाने वाले बल्लेबाज का कहना है कि पांच दिवसीय प्रारूप को खेलने से वह बेहतर इंसान बन पाए क्योंकि इसमें आप जिंदगी की तरह चुनौतियों से नहीं भाग सकते। आप रन बनाओ या न बनाओ लेकिन दूसरे रन बना रहे हों तो आप ताली बजाओ (सराहना करो)। आप ड्रेसिंग रूम में लौट जाओ लेकिन उठो और अगले दिन फिर आओ। आपको दिनचर्या का पालन करना होता है, फिर आप चाहे इसे पसंद करो या नहीं।
अपने आक्रामक रवैये को लेकर भारतीय कप्तान का मानना है कि उनके लिए आक्रामकता लुत्फ उठाने का एक तरीका है। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि सिर्फ कप्तान होने के कारण मुझे अपने रवैये में बदलाव करने की जरूरत है। जरूरी है कि मैं लुत्फ उठाऊं और इसके बाद रणनीति आती है।’