गावस्कर लंबे प्रारूप में सलामी बल्लेबाज शिखर धवन के रवैये से भी नाखुश हैं। दिल्ली के इस खिलाड़ी ने बर्मिंघम में पहले टेस्ट में 26 और 13 रन की पारी खेली। गावस्कर ने कहा, 'शिखर अपने खेल में बिलकुल भी बदलाव नहीं करना चाहता।'
उन्होंने कहा, 'उसका विश्वास उसी तरह से खेलने में हैं जिसने उसे अब तक सफलता दिलाई है। आप वनडे क्रिकेट में ऐसे शॉट खेलने के बावजूद बच सकते हो क्योंकि काफी स्लिप नहीं होती और बल्ले का किनारा लेकर गेंद स्लिप क्षेत्र से बाउंड्री तक जा सकती है।'
गावस्कर ने कहा, 'लेकिन टेस्ट में, इस तरह के शॉट का नतीजा सिर्फ विकेट गंवाना होगा। खिलाड़ी जब तक मानसिक रूप से बदलाव नहीं करता तब तक विदेशों में लाल गेंद के खिलाफ उसे जूझना होगा।'