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क्या पुणे में हल हो गई 2015 विश्वकप के बाद से चल रही टीम इंडिया की परेशानी

Thu, 26 Oct 2017 02:27 AM IST
amarujala.com- Presented by: नवीन चौहान
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दिनेश कार्तिक
भारतीय क्रिकेट टीम ने पुणे में न्यूजीलैंड को तीन मैचों की सीरीज के दूसरे मैच में 6 विकेट से मात देकर सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली। सीरीज में हार जीत का फैसला अब कानपुर में खेले जाने वाले तीसरे और आखिरी मैच के परिणाम पर टिका है। लेकिन लगता है कि सीरीज में जीत हार के अलावा टीम इंडिया की 2015 विश्वकप के बाद से चली आ रही एक बड़ी समस्या का समाधान पुणे वनडे में हो गया। 
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क्या पुणे में हल हो गई 2015 विश्वकप के बाद से चल रही टीम इंडिया की परेशानी

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दिनेश कार्तिक - फोटो : bcci
भारतीय टीम 2015 विश्वकप के बाद से नंबर चार के लिए बल्लेबाज की तलाश कर रही है लेकिन उसकी ये तलाश पुणे वनडे से पहले तक जारी थी। मुंबई वनडे तक टीम इंडिया इस क्रम पर बल्लेबाजी करने के लिए 10 खिलाड़ियों को आजमा चुकी थी लेकिन उसकी ये परेशानी जस की तस बनी रही। लेकिन ऐसा लगता है कि पुणे में चार नंबर पर बल्लेबाजी करने आए दिनेश कार्तिक ने 64 रन की अर्धशतकीय पारी खेलकर इस समस्या का समाधान कर दिया है। 
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दिनेश कार्तिक - फोटो : ESPN
पुणे वनडे में चार नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे कार्तिक ने अपनी 64वीं एकदिवसीय पारी में नाबाद 64 रन बनाए और टीम इंडिया को जीत दिलाई। अंत में उनके साथ महेंद्र सिंह धोनी थे जिनसे पहले उन्होंने अंतरराष्ट्रीय करियर शुरू किया था लेकिन आज तक टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए। लेकिन पुणे में उनकी मैच्योर पारी को देखकर ऐसा लगा कि वो अब हाथ आए इस मौके हो खाली नहीं जाने देंगे।

क्या पुणे में हल हो गई 2015 विश्वकप के बाद से चल रही टीम इंडिया की परेशानी

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युवराज सिंह - फोटो : E
2015 विश्वकप के बाद टीम इंडिया के लिए चार नंबर पर बल्लेबाजी करने आए कार्तिक 11वें खिलाड़ी  हैं। उनसे पहले युवराज सिंह, केदार जाधव, केएल राहुल, हार्दिक पांड्या, अंबाती रायुडू, मनीष पांडे, विराट कोहली, मनोज तिवारी, एमएस धोनी और अजिंक्य रहाणे को टीम मैनेजमेंट इस क्रम पर बल्लेबाजी के लिए आजमा चुका है। सबसे ज्यादा 9 मौके युवराज सिंह को मिले लेकिन वो इस पायदान पर अपनी छाप नहीं छोड़ पाए। 
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एम एस धोनी - फोटो : twitter
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एमएस धोनी चार नंबर पर बल्लेबाजी करने के इच्छुक हैं। लेकिन श्रीलंका दौरे के बाद टीम प्रबंधन एक बार फिर उन्हें फिनिशर की भूमिका में ही देखना चाहता है। इसलिए उनके बल्लेबाजी क्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया। 2019 विश्वकप में भी धोनी को फिनिशर की भूमिका ही निभानी होगी। 
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dinesh karthik - फोटो : pti
नंबर चार पर बल्लेबाजी करने के लिए बैट्समैन का अनुभवी और तकनीकी तौर पर दक्ष होना बेहद जरूरी है। ऐसे में कार्तिक इस कसौटी पर खरे उतरते हैं। जिस अंदाज में कार्तिक ने पुणे में बल्लेबाजी की और अर्धशतक जड़ा उसके बाद टीम प्रबंधन उन्हें चार नंबर पर श्रीलंका के खिलाफ घरेलू सीरीज तक खुद को साबित करने का मौका दे सकता है। यदि कार्तिक इस क्रम पर सफल होते हैं तो लंबे समय से चली आ रही भारतीय टीम की एक बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा। 
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हार्दिक पांड्या - फोटो : REUTERS
2015 के बाद चार नंबर पर बल्लेबाजों को आजमाने के मामले में भी टीम इंडिया दुनिया में नंबर एक पायदान पर पहुंच गई है। भारत ने जहां इस क्रम पर 11 बल्लेबाजों का आजमाया वहीं जिंबाब्वे ने 10, ऑस्ट्रेलिया- श्रीलंका ने 9-9, पाकिस्तान वेस्टइंडीज ने 8-8, अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड 7-7, बांग्लादेश-आयरलैंड-दक्षिण अफ्रीका 5-5 और इंग्लैंड की टीम 4 बल्लेबाजों को आजमा चुकी है। 
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