हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में पहली बार टेस्ट मैच खेला जा रहा है। लेकिन खुशी के इस मौके पर दर्शक इस बात से निराश थे कि वह अपने चहेते खिलाड़ी विराट कोहली के बल्ले का जादू इस मैच में नहीं देख पाएंगे। रांची टेस्ट में फील्डिंग के दौरान कंधे पर लगी चोट से विराट उबर नहीं पाए और उनकी जगह उपकप्तान अजिंक्य रहाणे ने टीम की कमान संभाली। भले ही विराट मैच नहीं खेल रहे थे लेकिन वह एक अनोखे अंदाज में मैदान में आए। अमूमन ऐसा क्रिकेट के मैदान पर ऐसा नजारा देखने को कम ही मिलता है।
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कोहली के न खेलने से निराश दर्शकों का उत्साह उस समय देखते बन रहा था, जब वह ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान 12वें खिलाड़ी के तौर पर मैदान पर टीम के लिए पानी लेकर आए। कोहली का बतौर कप्तान सौम्य व्यवहार देखकर कमेंटेटर भी खुद को कोहली की तारीफ करने से नहीं रोक पाए।
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मैच में कमेंट्री कर रहे पूर्व भारतीय बल्लेहबाज सुनील गावस्कर ने कहा कि देखिए सबके लिए कौन पानी लाया है। 12वें खिलाड़ी विराट कोहली। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने कहा, 'शानदार, कोहली को दुनिया का सबसे महंगा ड्रिंक्स मैन होना चाहिए!'
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- फोटो : getty images
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब कोई भारतीय सीनियर खिलाड़ी चोट लगने की वजह से टीम में नहीं खेल रहा हो और अपनी टीम के लिए ड्रिंक्स लेकर आया हो। सचिन तेंदुलकर जब 2004 में कोहनी की चोट के कारण ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे मैच में टीम से बाहर बैठे थे, तब वह टीम के खिलाड़ियों के लिए मैदान पर ड्रिंक्स लेकर आए थे।
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जहां कप्तान विराट कोहली ने अपने खिलाड़ियों के लिए ड्रिंक्स लाने पर लोगों का दिल जीता, वहीं एक समय पूर्व भारतीय बल्लेबाज गांगुली ने बतौर 12वें खिलाड़ी ऐसा करने से इंकार कर दिया था। बात 1992 में की है जब टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गई थी, उस वक्त गांगुली टीम में 12वें खिलाड़ी के रूप में थे। गांगुली से जब टीम के लिए ड्रिंक्स ले जाने के लिए कहा गया तो उन्होंने साथी खिलाड़ियों के लिए ड्रिंक्स ले जाने से इंकार कर दिया था।
गांगुली के उस वक्त टीम के साथ जैसे भी रिश्ते रहे हों लेकिन गांगुली को जब टीम इंडिया के कप्तान बने तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभाईं। गांगुली ने सिर्फ टीम इंडिया के सफल कप्तान रहे बल्कि उनकी कप्तानी में टीम ने कामयाब के नए मुकाम हासिए किए।