भारत की महिला क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर नवी मुंबई में इतिहास रच दिया। यह जीत सिर्फ एक खिताब नहीं, बल्कि उस सपने की पूर्ति थी जिसका इंतजार भारतीय महिला क्रिकेट वर्षों से कर रहा था। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने खुलासा किया कि इस ऐतिहासिक जीत के पीछे महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की सलाह ने अहम भूमिका निभाई।
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सचिन तेंदुलकर
- फोटो : PTI
'जब मैच तेज चल रहा हो तो खुद को संभालो..'
हरमनप्रीत ने आईसीसी रिव्यू में बताया, 'मैच से पहले सचिन सर का फोन आया। उन्होंने कहा कि जब मैच तेज चल रहा हो तो खुद को संभालो, थमकर खेलो, क्योंकि अगर तुम भी उसी गति से खेलने लगोगी तो लड़खड़ा सकती हो। उनकी यह बात पूरे फाइनल में मेरे दिमाग में रही।'
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हरमनप्रीत कौर
- फोटो : ANI
'यह मेरा सबसे खास सपना'
कप्तान ने कहा कि अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि भारत जीत चुका है। उन्होंने कहा, 'जब भी हम एक-दूसरे से मिलते हैं, हम खुद को 'विश्व चैंपियन' कहते हैं। मेरे माता-पिता के सामने विश्व कप जीतना मेरे जीवन का सबसे खास पल था। बचपन से मैंने यही सपना देखा था, भारत की जर्सी पहनना, टीम की कप्तानी करना और विश्व कप जीतना।'
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भारत ने महिला वनडे विश्व कप का खिताब जीता
- फोटो : PTI
2017 की हार के बाद बदला महिला क्रिकेट का चेहरा
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर टीम की साथी खिलाड़ी स्नेह राणा ने कहा कि यह जीत 2017 के बाद आए बदलावों का नतीजा है। मुंबई में आयोजित 'सीएनबीसी टीवी18 ग्लोबल लीडरशिप समिट' में उन्होंने कहा, '2017 ने भारत में महिला क्रिकेट का चेहरा बदल दिया। तब लोगों को यह भी नहीं पता था कि महिला क्रिकेट होता क्या है। लेकिन बीसीसीआई के नियंत्रण में आने और टीवी प्रसारण शुरू होने के बाद पहचान बढ़ी और 2017 के विश्व कप ने इस खेल को नया मुकाम दिया।'
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भारतीय महिला टीम ने जीता खिताब
- फोटो : PTI
राणा ने बताया कि इंग्लैंड दौरे के दौरान जब टीम को 'किंग चार्ल्स' से मिलने का निमंत्रण मिला था लेकिन कुछ सहयोगी स्टाफ को आमंत्रण नहीं दिया गया, तब खिलाड़ियों ने ठान लिया था कि अगली बार कप जीतकर अपने स्टाफ के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे। उन्होंने आगे कहा, 'हमने इंग्लैंड में यह तय किया था और आज हमें खुशी है कि हमने वह सपना पूरा किया।'
'सचिन मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा'
वहीं, फाइनल में शेफाली वर्मा की 87 रन की धमाकेदार पारी भारत की जीत की नींव बनी। शेफाली ने कहा, 'अब हमें हर बार कप जीतने की आदत डालनी होगी। मैं हरियाणा से हूं, इसलिए जीत का जोश हमारे खून में है। मेरे पिताजी हमेशा कहते थे कि 'सचिन सर की तरह बनो' और वही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं।'