टेस्ट क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक चेतेश्वर पुजारा ने रविवार को क्रिकेट के तीनों प्रारूपों से संन्यास का एलान करके प्रशंसकों को तगड़ा झटका दिया। अपने इस फैसले की जानकारी दिग्गज बल्लेबाज ने सोशल मीडिया के जरिये दी।यहां हम उनके टेस्ट करियर के कुछ अहम रिकॉर्ड्स पर चर्चा करेंगे...
भारतीय क्रिकेट इतिहास के लिए 24 अगस्त (रविवार) की तारीख किसी सदमे से कम नहीं है। रविवार की सुबह टेस्ट क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक चेतेश्वर पुजारा ने क्रिकेट के तीनों प्रारूपों से संन्यास का एलान करके प्रशंसकों को तगड़ा झटका दिया। अपने इस फैसले की जानकारी दिग्गज बल्लेबाज ने सोशल मीडिया के जरिये दी।
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चेतेश्वर पुजारा
- फोटो : ANI
2023 में खेला था आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच
पुजारा हाल फिलहाल में इंग्लैंड दौरे पर कमेंट्री करते दिखे थे। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट जून 2023 में इंग्लैंड में ही खेला था। उनका आखिरी टेस्ट या यूं कहें अंतरराष्ट्रीय मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ केनिंग्टन ओवल में खेला गया विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023 फाइनल था। ऑस्ट्रेलिया ने इस मुकाबले में भारतीय टीम को शिकस्त दी थी। यहां हम चेतेश्वर पुजारा के टेस्ट करियर के कुछ अहम रिकॉर्ड्स पर चर्चा करेंगे...
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चेतेश्वर पुजारा
- फोटो : ANI
5000+ टेस्ट रन और 50+ कैच
भारतीय टेस्ट क्रिकेट के सबसे विश्वसनीय बल्लेबाजों की सूची में शुमार चेतेश्वर पुजारा ने अपने करियर में न सिर्फ बल्ले से बल्कि फील्डिंग से भी टीम इंडिया को मजबूती दी है। पुजारा ने टेस्ट में 5000 से ज्यादा रन और 50 से अधिक कैच लपके। उन्होंने 103 टेस्ट मैचों में 7195 रन बनाए हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 206 रन है। उनका औसत 43.60 का रहा और 19 शतक लगाए हैं। लेकिन पुजारा की खासियत सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रही। उन्होंने शानदार फील्डिंग करते हुए 66 कैच लपके। कई अहम मौकों पर उनके हाथों से आए कैच ने भारत को जीत दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उनका संयमित अंदाज, लंबी पारियां खेलने की कला और लगातार सतर्क फील्डिंग ने उन्हें उन चुनिंदा खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल किया है जिन्होंने 5000 से ज्यादा रन और 50 से ज्यादा कैच पूरे किए।
एक ही टेस्ट में 90 और शतक
भारतीय टेस्ट टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का नाम उस चुनिंदा लिस्ट में शामिल है, जिसमें बल्लेबाजों ने एक ही टेस्ट मैच की दोनों पारियों में एक शतक और एक 90 का स्कोर बनाया है। यह उपलब्धि बेहद खास है क्योंकि यह बल्लेबाज की निरंतरता और दबाव झेलने की क्षमता का प्रमाण है। पुजारा ने दिसंबर 2022 में चट्टोग्राम टेस्ट में बांग्लादेश के खिलाफ यह कारनामा किया था। पहली पारी में उन्होंने 90 रनों की पारी खेली और दूसरी पारी में नाबाद 102 रन बनाए। इस प्रदर्शन से उन्होंने न केवल भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया बल्कि यह भी दिखाया कि क्यों उन्हें राहुल द्रविड़ के बाद भारत का 'दीवार 2.0' कहा जाता है। इस लिस्ट में पुजारा से पहले सुनील गावस्कर, मोहिंदर अमरनाथ, सौरव गांगुली, गौतम गंभीर और विराट कोहली जैसे भारतीय दिग्गज भी शामिल रहे हैं।
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चेतेश्वर पुजारा-सुनील गावस्कर
- फोटो : ANI
मुकाबले की पहली पारी में शतक और दूसरी में शून्य पर आउट हुए
चेतेश्वर पुजारा के नाम टेस्ट इतिहास का एक दिलचस्प रिकॉर्ड भी दर्ज है, वह एक ही मैच में शतक और शून्य पर भी आउट हुए हैं। पुजारा ने यह कारनामा दो बार किया। 2015 में कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए टेस्ट मुकाबले में उन्होंने पहली पारी में नाबाद 145 रन ठोके, लेकिन दूसरी पारी में खाता भी नहीं खोल पाए। ऐसा ही 2018 में मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में हुआ। पहली पारी में पुजारा ने शानदार 106 रन बनाए लेकिन दूसरी पारी में शून्य पर चलते बने। इस क्लब में पुजारा के अलावा सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सुनील गावस्कर जैसे दिग्गजों के नाम भी शामिल हैं।
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चेतेश्वर पुजारा
- फोटो : ANI
जब पारी के आखिर तक डटे रहे पुजारा
भारतीय क्रिकेट में चेतेश्वर पुजारा को उनकी धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी और लंबी पारी खेलने की क्षमता के लिए जाना जाता है। 28 अगस्त 2015 को कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने एक ऐसा दुर्लभ कारनामा किया, जिसे टेस्ट क्रिकेट में 'कैरीइंग द बैट' कहा जाता है। दरअसल, दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला खेला जा रहा था। पहली पारी में भारत बल्लेबाजी कर रहा था। विकेट लगातार गिर रहे थे, लेकिन पुजारा एक छोर पर चट्टान की तरह खड़े रहे। उन्होंने 289 गेंदों पर नाबाद 145 रन बनाए और भारत का स्कोर 312 तक पहुंचाया। बता दें कि, टेस्ट क्रिकेट में जब कोई सलामी बल्लेबाज पूरी पारी के आउट होने के बाद नाबाद लौटता है तो इसे 'कैरीइंग द बैट' कहते हैं।
पांचों दिन बल्लेबाजी करने वाले भारत के तीसरे बल्लेबाज पुजारा
पुजारा को भारतीय टेस्ट टीम की दीवार क्यों कहा जाता है, इसका प्रमाण है उनका यह करानामा। उनके नाम एक ही टेस्ट मैच में पांचों दिन बल्लेबाजी करने का शानदार रिकॉर्ड दर्ज है। 16 नवंबर 2017 को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया टेस्ट यादगार बन गया। पुजारा ने पांचों दिन बल्लेबाजी की। उन्होंने पहली पारी में 52 और दूसरी पारी में 22 रन बनाए। पुजारा से पहले भारत के लिए एम.एल. जयसिम्हा (1960) और रवि शास्त्री (1984) ही यह दुर्लभ कारनामा कर पाए थे। पुजारा इस लिस्ट में तीसरे भारतीय बने।