सेंट्रल जोन और ईस्ट जोन के बीच दलीप ट्रॉफी का सेमीफाइनल मुकाबला खेला जा रहा है। पहले दिन सेंट्रल जोन की पारी ऑलआउट हो गई। सेंट्रल जोन के लिए रिंकू सिंह ने अर्धशतकीय पारी खेली। वहीं, ईस्ट जोन की ओर से मुकेश कुमार और अभिजीत सरकार ने गेंदबाजी से अपना दम दिखाया।
भारतीय तेज गेंदबाज मुकेश कुमार और साथी दाएं हाथ के मध्यम गति के गेंदबाज अभिजीत सरकार ने तीन-तीन विकेट चटकाए जिससे ईस्ट जोन ने रविवार को दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल के पहले दिन सेंट्रल जोन को 266 रन पर ऑलआउट कर दिया। ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन का टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला सही साबित हुआ। मुकेश (56 रन देकर तीन विकेट) और सरकार (38 रन देकर तीन विकेट) ने मिलकर छह विकेट लिए, जबकि मोहम्मद शमी ने 42 रन और ऑफ स्पिनर एमडी कौनैन कुरैशी ने 49 रन देकर दो-दो विकेट चटकाए। सेंट्रल जोन की पूरी टीम 80.1 ओवर में पवेलियन लौट गई।
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रिंकू सिंह
- फोटो : BCCI Domestic screen grab
सेंट्रल जोन के लिए रिंकू चमके
सेंट्रल जोन के लिए रिंकू सिंह (88 गेंदों पर 60 रन) के अलावा सलामी बल्लेबाज और विकेटकीपर आर्यन जुयाल (46 रन) सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद सेंट्रल जोन की शुरुआत अच्छी नहीं रही। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और 45वें ओवर तक टीम ने 125 रन पर अपनी आधी टीम गंवा दी थी। इसके बाद रिंकू सिंह और हर्ष दुबे (27 रन) ने पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों ने छठे विकेट के लिए 55 रन की साझेदारी कर मध्य क्षेत्र की पारी को कुछ मजबूती दी। लेकिन 60वें ओवर में कुरैशी ने हर्ष दुबे को एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया जिसके बाद सेंट्रल जोन की पारी लड़खड़ा गई।
सारांश जैन (13 रन) और आर्यन पांडे (22 रन) ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन उसे बड़ी पारी में नहीं बदल सके। निचले क्रम के बल्लेबाज यश ठाकुर (26 गेंद पर 30 रन) ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मध्य क्षेत्र को आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन आखिरकार टीम 300 रन के आंकड़े से पहले ही 266 रन पर सिमट गई।
वैभव ने संभाली कमान
सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले के पहले दिन वैभव को ईस्ट जोन की कप्तानी करने का मौका मिला। नियमित कप्तान ईशान किशन के दाएं अंगूठे में चोट लगने के बाद वैभव ने स्टैंड इन कप्तान के तौर पर ईस्ट जोन की कमान संभाली। सेंट्रल जोन की पारी के दौरान विकेटकीपिंग कर रहे ईशान किशन के दाएं अंगूठे में गेंद लग गई। चोट के बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। उनकी जगह कुमार कुशाग्र ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली। इसी दौरान टीम के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी को अस्थायी रूप से कप्तानी की जिम्मेदारी सौंप दी गई। यह सीनियर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वैभव की पहली कप्तानी थी।