पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो होगे खराब। यह पुरानी कहावत आज इसलिए याद आ गई क्योंकि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सोमवार को अचानक 12वीं के नतीजे घोषित कर दिेए। परिणाम हालांकि पिछले साल से बेहतर आए, लेकिन कई छात्र-छात्राओं को निराशा भी हाथ लगी। ऐसे में उन विद्यार्थियों को निराश होने की बजाय हमारे उन भारतीय क्रिकेटर्स की तरफ देखना चाहिए जिन्होंने कड़ी मेहनत, अनुशासन, लगन और ढृढ निश्चय के बूते सफलता की बुलंदियां हासिल की।