ऐसा माना जाता है कि खेलों से वास्ता रखने वाले खिलाड़ी अक्सर शैक्षणिक योग्यता में कम होते हैं। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर भी सिर्फ हाईस्कूल तक ही पढ़ें हैं, वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह, मोहम्मद कैफ का भी यही हाल है। विराट कोहली, शिखर धवन, रोहित शर्मा 12वीं पास हैं, लेकिन सारे भारतीय क्रिकेटर ऐसे नहीं हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सोमवार को परिणाम घोषित किए। लखनऊ की दिव्यांशी जैन ने 12वीं में 600 में से 600 नंबर हासिल करके इतिहास रचा, इसी मौके पर आइए हम भी आपको देश के उन क्रिकेटर्स से मिलवाते हैं जो खेल के साथ-साथ पढ़ाई-लिखाई में भी अव्वल रहे।