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90 के दशक में वेस्टइंडीज ने खेला ऐसा क्रिकेट, उससे शर्मसार हैं ब्रायन लारा

Wed, 06 Sep 2017 09:30 AM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक निगम
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ब्रायन लारा - फोटो : ESPN
वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज ब्रायन लारा वर्ल्ड क्रिकेट की शीर्ष टीमों को खेल भावना बरकरार रखने की सलाह देते रहे हैं, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि कई बार ऐसा मौका आया जब वो कैरीबियाई टीम के प्रदर्शन से शर्मसार हुए हैं। लॉर्ड्स में एमसीसी स्पिरिट ऑफ क्रिकेट काऊड्रे में भाषण देते समय लारा ने कहा कि जिस वेस्टइंडीज टीम का उन्होंने प्रतिनिधित्व किया, उसके बर्ताव से वे कई बार शर्मसार हुए।
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ब्रायन लारा - फोटो : twitter
लारा ने साथ ही कहा कि उनकी टीम ने 90 के दशक में वर्ल्ड क्रिकेट में अपनी बादशाहत के बाद भी हमेशा सही भावना से नहीं खेला।  लारा ने इस दौरान वर्ल्ड क्रिकेट की शीर्ष टीमों से खेल की अखंडता को बनाए रखने की अपील की है। ईएसपीएन क्रिकइंफो ने लारा के हवाले से कहा, 'वर्ल्ड की शीर्ष टीम पर खेल की अखंडता को बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है। वह जब भी मैदान पर उतरते हैं तो खेल भावना को बनाए रखने की जिम्मेदारी हमेशा से उनको प्राथमिकता है।'
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ब्रायन लारा - फोटो : twitter
लारा का मानना है कि 1980 और 1990 में वेस्टइंडीज के बेहतरीन रिकार्ड के बाद भी कई ऐसे मौके थे, जब टीम ने अपनी रणनीतियों को लागू किया तो परिणाम वैसे रहे जैसे होने नहीं चाहिए थे। लारा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 1980 में हुई सीरीज का ध्यान दिलाया जब कोलिन क्रॉफ्ट ने अंपायर के कंधे को चोट पहुंचाई। इसके अलावा 1988 में पाकिस्तान और 1990 में इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में माइकल होल्डिंग ने गुस्से में स्टंप्स पर लात मारी थी। उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज की टीम जीत के लिए कुछ भी कर सकती थी।

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माइकल होल्डिंग - फोटो : ESPN
48 वर्षीय लारा ने कहा, मैं उस समय बड़ा हो रहा था जब वर्ल्ड क्रिकेट में वेस्टइंडीज का दबदबा था। 1980 से अगले 15 वर्षों तक वेस्टइंडीज की टीम कभी टेस्ट सीरीज नहीं हारी। इससे ठीक पहले कोलिन क्रॉफ्ट ने फैसला किया कि फ्रेड गुडऑल के कंधे को चोट पहुंचाएंगे। माइकल होल्डिंग से फैसला किया कि वो अब क्रिकेटर नहीं बल्कि फुटबॉलर बनेंगे और उन्होंने स्टंप पर पैर मारा। मुझे विश्वास है कि उस दौरान हुई इन हरकतों का क्रिकेट पर बड़ा प्रभाव हुआ होगा।'
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सचिन और लारा - फोटो : file photo
उस समय वेस्टइंडीज की टीम लगातार जीत रही थी, लेकिन लारा ने कहा कि उस समय पर उन्हें गर्व नहीं है। उन्होंने इसे शर्मनाक करार दिया जब पाकिस्तान के खिलाफ 1988 में अंपायरों की गलत फैसलों की मदद से वेस्टइंडीज ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने कहा कि भाग्य वेस्टइंडीज के साथ था और विव रिचर्ड्स व जेफ्री डुजॉन को जीवनदान मिले। लारा ने अपने भाषण में वेस्टइंडीज में होने वाले बॉक्सिंग डे टेस्ट का भी परिचय कराया। इसके अलावा लीड्स में इंग्लैंड पर हाल ही में जीत का उल्लेख करते हुए लारा ने सचिन तेंदुलकर से हुई बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा, 'ये सफलता पूरी दुनिया के लिए जरुरी थी।'
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