भारतीय क्रिकेट में हितों का टकराव ऐसा मामला है, जिसने क्रिकेटरों को लंबे समय से परेशान किया है। भारतीय टीम के दिग्गज जैसे सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली इसके शिकार रहे हैं और अब विराट कोहली समेत कुछ अन्य क्रिकेटर्स भी इसकी चपेट में आ चुके हैं।
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कुंबले पर कोहने का बयान
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हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली को ओएनजीसी के मैनेजर पद से इस्तीफा देने का आग्रह किया है। दिल्ली के कई खिलाड़ियों को ओएनजीसी ने मानद पदों पर जगह दी है, जिसमें गौतम गंभीर, वीरेंदर सहवाग और इशांत शर्मा भी शामिल हैं। ये तीनों किसी पब्लिक सेक्टर फर्म से जुड़े हुए हैं।
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विराट कोहली
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासकीय समिति (सीओए) ने बोर्ड को स्पष्ट कर दिया है कि कोई क्रिकेटर किसी सरकारी या पब्लिक सेक्टर कंपनी में पद नहीं ले सकता है। इसका कारण है कि इसकी वजह से हितों के टकराव का मामला सामने नहीं आएगा।
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विराट कोहली
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विराट कोहली ने कई स्थानीय टूर्नामेंट्स में ओएनजीसी का प्रतिनिधित्व किया है। कप्तान के साथ बीसीसीआई ने अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा और करीब 100 अन्य भारतीय क्रिकेटरों को सख्त चेतावनी दी है। अब इस मामले पर नई दिल्ली में होने वाली अगली एसजीएम में विचार किया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि यह बैठक का सबसे विवादास्पद मुद्दा हो सकता है।
एक बीसीसीआई अधिकारी ने खुलासा किया है कि अगली एसजीएम में इस मामले पर विचार किया जाएगा। सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं, लेकिन ऐसे अन्य कई मुद्दे हैं, जिन पर हितो के टकराव का मामला सामने आ सकता है। उन्होंने आगे कहा, 'खिलाड़ियों पर इसका सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट के नए दिशा-निर्देश को देखते हुए हमारे पास भी इस सुप्रीम कोर्ट को जवाब देने का विकल्प होगा।'