अपनी नई टीम के साथ सौरव गांगुली
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जिन बिंदुओं पर बैठक के दौरान चर्चा होगी और उसमें बदलाव भी किया जा सकता है, उनमें से सबसे बड़ा मुद्दा होगा कूलिंग ऑफ पीरियड। बीसीसीआई के हालिया नियम के मुताबिक कूलिंग ऑफ पीरियड के तहत वह अधिकारी जो बीसीसीआई या उसके सदस्य संघ में छह साल तक रहा हो वह छह साल बाद कूलिंग ऑफ पीरियड में चला जाएगा। यह नियम कई प्रतिभाशाली लोगों को चुनने में बाधा साबित हो रहा है। जिसको बदलने के लिए चर्चा हो सकती है।
मालूम हो कि अभी कुछ दिन पहले ही सौरव गांगुली बीसीसीआई के नए अध्यक्ष बने हैं, और उनका कार्यकाल मात्र 10 महीने का है, क्योंकि वह इससे पहले पांच साल अधिक समय तक बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के विभिन्न पदों पर रह चुके हैं। अगर इस बैठक में कूलिंग ऑफ पीरियड के नियम को बदलने की सहमती बनी और सुप्रीम कोर्ट से मान्य करार दे देता है, तो गांगुली एक बार फिर से बोर्ड की कमान संभाल सकते हैं।