भारत और इंग्लैंड के बीच मोहाली में खेला जा रहा सीरीज का तीसरा टेस्ट इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। इसका कारण भारत के गेंदबाज हैं जिन्होंने अपने बल्ले से भारतीय क्रिकेट इतिहास का एक नया पन्ना लिखा है। 84 साल के भारतीय क्रिकेट इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि भारत के तीन पुछल्ले बल्लेबाजों आर अश्विन, रविंद्र जड़ेजा और जयंत यादव ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 5
अश्विन
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि टीम इंडिया के सातवें, आठवें और नौवें नंबर के खिलाड़ियों ने टेस्ट की एक ही पारी में अर्धशतक जमाया हो। मोहाली में अश्विन, जडेजा और जयंत ने क्रमशः 72, 90 और 55 रन की पारियां खेलीं।
विज्ञापन
3 of 5
आर अश्विन
- फोटो : PTI
टीम इंडिया के नंबर 7 से लेकर 11 तक के बल्लेबाजों ने मिलकर 230 रन जोड़ डाले। इसके साथ ही 35 साल पुराना रिकॉर्ड भी टूट गया। इससे पहले 7 से 11 नंबर तक के बल्लेबाजों ने साल 1981 में इंग्लैंड के ही खिलाफ दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में 220 रन जोड़े थे।
4 of 5
कपिल देव
- फोटो : getty
1981 में खेले गए उस टेस्ट मैच की पहली पारी में इंग्लैंड के 476 रनों का पीछा करने उतरी टीम इंडिया के खिलाड़ियों कपिल देव ने 16, रवि शास्त्री ने 93, सैयद किरमानी ने 67 और मदन लाल ने 44 रन की पारी खेली थी। जबकि दिलीप दोशी अपना खाता भी नहीं खोल पाए थे।
7 से 11 नंबर तक के बल्लेबाजों का तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 51 साल पहले 1965 का है। इस मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ चेन्नई में पुछल्ले बल्लेबाजों ने 212 रन जोड़े थे। इस मैच में सलीम दुर्रानी ने 34, बापू नदकरनी ने 75, फारूख इंजीनियर ने 90, रूसी सुरती ने 9 और एस वेंकटराघवन ने 4 रन बनाए थे।