अनिल कुंबले
श्रीनाथ ने इस घटना को याद करते हुए बताया, 'मैच के अंतिम क्षण चल रहे थे। तब मैं और कुंबले गेंदबाजी कर रहे थे। मैं जानबूझकर गेंद को विकटों के बाहर डाल रहा था ताकि आखिरी विकेट मेरे नहीं बल्कि कुंबले के खाते में आए। आखिरकार यह संभव हुआ। कुंबले ने वसीम अकरम को आउट करके अनोखी उपलब्धि हासिल की।' उल्लेखनीय है कि जिम लेकर और अनिल कुंबले के अलावा यह उपलब्धि और कोई गेंदबाज अब तक हासिल नहीं कर पाया है।