पूर्व भारतीय क्रिकेटर अमित मिश्रा ने खुलासा किया कि टीम इंडिया से बाहर होने के बाद वह करीब डेढ़ साल तक डिप्रेशन से जूझे। इस दौरान उनके पास अपनी परेशानियां साझा करने के लिए कोई नहीं था।
घरेलू क्रिकेट में खराब प्रदर्शन और टीम में जगह नहीं मिलने के बाद उन्होंने अपनी कमियों पर काम किया। 2008 में उन्होंने भारतीय टीम में वापसी की।
भारतीय टीम के पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम से बाहर होने के बाद वह करीब डेढ़ साल तक डिप्रेशन से जूझते रहे। इस मुश्किल दौर में उनके पास अपनी परेशानियां साझा करने के लिए कोई नहीं था। यहां तक कि वह अपने परिवार से भी इस बारे में बात नहीं कर पाते थे, क्योंकि उन्हें डर था कि उनकी चिंताएं जानकर परिवार वाले और ज्यादा परेशान हो जाएंगे।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 7
अमित मिश्रा
- फोटो : ANI
अमित मिश्रा क्या बोले?
अमित मिश्रा ने पूर्व भारतीय ओपनर और क्रिकेट कमेंटेटर आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत के दौरान अपने करियर के उस मुश्किल दौर को याद किया। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम में जगह गंवाने के बाद वह लगातार खुद से सवाल करते थे कि आखिर उनसे ऐसी कौन सी गलती हुई, जिसकी वजह से उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा।
विज्ञापन
3 of 7
अमित मिश्रा
- फोटो : ANI
'1.5 साल तक डिप्रेशन में रहा'
अमित मिश्रा ने अपने संघर्ष के बारे में बात करते हुए कहा, 'मैं डेढ़ साल तक डिप्रेशन में रहा। मैं लगातार यही सोचता रहता था कि आखिर मेरी गलती क्या थी। मैं हर जगह खेल रहा था, लेकिन मेरे दिमाग में सिर्फ एक ही सवाल घूमता रहता था कि मैंने ऐसा क्या गलत किया?' मिश्रा के लिए यह दौर इसलिए भी मुश्किल था, क्योंकि उन्होंने साल 2003 में भारतीय वनडे टीम के लिए डेब्यू किया था। हालांकि, टीम इंडिया में जगह बनाने के बाद भी वह अपनी जगह बरकरार नहीं रख सके। इसके बाद उनका करियर उतार-चढ़ाव से गुजरने लगा और उन्हें घरेलू क्रिकेट में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
4 of 7
अमित मिश्रा
- फोटो : ANI
घरेलू क्रिकेट में भी नहीं मिल रही थी जगह
अमित मिश्रा ने बताया कि भारतीय टीम से बाहर होने के बाद उन्हें दलीप ट्रॉफी और इंडिया-ए टीम में भी जगह नहीं मिली। इस दौरान उनका प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उनके करियर में अचानक ऐसा क्या बदल गया।
उन्होंने कहा, 'मैं भारत के लिए खेल चुका था, लेकिन फिर टीम से बाहर हो गया। इसके बाद मुझे दलीप ट्रॉफी में भी जगह नहीं मिली। मैं जोनल स्तर पर इंडिया-ए टीम का हिस्सा भी नहीं था। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मेरे साथ क्या हो रहा है। एक सीजन मेरा खराब चला गया।'
मिश्रा ने आगे बताया कि एक चयनकर्ता ने उनसे कहा कि वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने अपने खेल और सोच पर गंभीरता से विचार किया।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर के मुताबिक, 'मैंने बैठकर सोचा और मुझे समझ आया कि मैं सिर्फ भारत के लिए खेलने के बारे में सोच रहा था, जबकि घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहा था।'
विज्ञापन
5 of 7
अमित मिश्रा
- फोटो : ANI
'परिवार को भी अपनी परेशानी नहीं बता सकता था'
अमित मिश्रा ने बताया कि उस समय उनके पास ऐसा कोई व्यक्ति नहीं था, जिससे वह खुलकर अपने मन की बात कह सकें। वह अपनी परेशानियां परिवार के साथ भी साझा नहीं कर पाते थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि इससे परिवार की चिंता और बढ़ जाएगी।
उन्होंने कहा, 'मेरे बुरे समय में बात करने के लिए कोई नहीं था। सच कहूं तो मैं अपने परिवार को भी नहीं बता सकता था। मैं किसी के साथ इन बातों पर चर्चा नहीं कर पाता था। मैं बिल्कुल अकेला था।'
हालांकि, इस मुश्किल दौर में मिश्रा को धीरे-धीरे अपनी गलतियों का एहसास हुआ। उन्होंने समझा कि भारतीय टीम में वापसी करने के लिए उन्हें घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। इसके बाद उन्होंने अपनी बल्लेबाजी पर भी काम करना शुरू किया।
मिश्रा ने बताया कि एक सीजन में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद उन्हें फिर से दलीप ट्रॉफी में खेलने का मौका मिला। इससे उन्हें समझ आया कि टीम में जगह बनाए रखने के लिए लगातार प्रदर्शन करना जरूरी है।
उन्होंने कहा, 'मुझे एहसास हुआ कि चीजें इसी तरह आगे बढ़ेंगी। मेरा कोई गॉडफादर नहीं था, इसलिए मुझे पता था कि मुझे बार-बार खुद को साबित करना होगा। मेरे कोच ने भी मुझसे यही कहा था।'
विज्ञापन
6 of 7
अमित मिश्रा
- फोटो : Twitter
2008 में की टीम इंडिया में वापसी
अमित मिश्रा ने आखिरकार अक्तूबर 2008 में भारतीय टीम में वापसी की। इसी दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने भारतीय टीम के लिए कई यादगार प्रदर्शन किए। मिश्रा ने भारत की ओर से 22 टेस्ट, 36 वनडे और 10 टी20 मुकाबले खेले। वह अपनी लेग स्पिन और अहम मौकों पर विकेट निकालने की क्षमता के लिए जाने जाते रहे।
आईपीएल में बनाया खास रिकॉर्ड
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा अमित मिश्रा का आईपीएल में भी शानदार रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने आईपीएल में 162 मैचों में 174 विकेट हासिल किए हैं। वह आईपीएल इतिहास के इकलौते गेंदबाज हैं, जिन्होंने तीन हैट्रिक लेने का कारनामा किया है। उनका करियर इस बात की मिसाल है कि मुश्किल दौर और असफलताओं के बावजूद लगातार मेहनत और प्रदर्शन के दम पर वापसी की जा सकती है।